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टीचर ने अपनी कमाई से बदल दी स्कूल की सूरत

राउप्रावि नांदोड़ा का खेड़ा का मामला स्कूल इमारत में रंगरोगन से लेकर कई सुविधाएं मुहैया करवाई

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टीचर ने अपनी कमाई से बदल दी स्कूल की सूरत

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राजसमंद. शहर से करीब 15 किमी दूर स्थित राउप्रावि नांदोड़ा का खेड़ा स्कूल में बच्चों के खेलने के लिए समतल खेल मैदान तथा स्कूल इमारत में रंगरोगन नहीं होने से स्कूल की स्थिति बदहाल थी। जिससे खेलने के दौरान रोजाना बच्चे परेशान होते थे, बच्चों की इस वेदना को समझा यहां के पीटीआई कन्हैयालाल करोतिया ने। उन्होंने विभागीय बजट का इंतजार करने की बजाए खुद की जेब से ही स्कूल की सूरत संवारने का निर्णय लिया। करोतिया ने बताया कि उन्होंने पहले जेसीबी लगाकर मैदान के गड्ढे बराबर करवाए, खड़ी कंटीली झाडिय़ां हटवाई, जिससे खेल मैदान साफ और बराबर नजर आने लगा। बाद में स्कूल की इमारत की बाहरी दीवारों पर रंगरोगन करवाया। जिससे आज स्कूल की सूरत बदल गई है।


20 हजार रुपए हुए खर्च
उन्होंने बताया कि स्कूल में रंगाई पुताई के लिए जो बजट आया था वह केवल अंदर के कमरों का था, इससे कमरे तो साफ हो गए लेकिन बाहर से स्कूल देखने में खराब लग रहा था, इसपर मैंने इसकी रंगाई-पुताई करवानी शुरू की। खेल मैदान को समतल करने तथा कंटीली झाडिय़ों की साफ-सफाई करवाने में करीब २० हजार रुपए खर्च हुए।


कॉपी-किताबें भी दिलवाई
पीटीआई ने बताया कि स्कूल में करीब 150 बच्चे अध्ययनरत हैं। ऐसे में कई बच्चे गरीब परिवार से भी यहां पढऩे आते हैं। मैंने सभी बच्चों को निशुल्क मिलने वाली किताबों के अलावा जो उनकी जरूरत किताबें और कॉपियां भी उपलब्ध करवाई। कई बच्चों के पास स्वेटर आदि दिलाए।


पौध रोपण करवाने का लक्ष्य
उन्होंने बताया कि अब मैदान समतल हो गया है तथा कंटीली झाडिय़ां खत्म हो गई हैं। इससे अब बाउंड्रीवॉल के किनारे पौध रोपण का लक्ष्य ले रखा है। यहां शीघ्र ही फल एवं फूलदार पौधे लगवाएगें।

हां मेरी भी जानकारी में आया था हालांकि मैंने अभी उस क्षेत्र का निरीक्षण नहीं किया है। निरीक्षण करने के बाद ही बता सकता हूं कि पीटीआई द्वारा कितना काम करवाया गया है।
-सोहनलाल रेगर, डीईओ (प्रारम्भिक), राजसमंद