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Crime news राजस्थान, गुजरात और एमपी में अवैध हथियार बेचने के के लिए फेसबुक-इंस्टाग्राम पर ढूंढता था ग्राहक

सौदा होने पर देता था डिलीवरी, राजसमंद जिले की खमनोर थाना पुलिस ने अवैध हथियारों सप्लायर को भी दबोचा  

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Crime news राजस्थान, गुजरात और एमपी में अवैध हथियार बेचने के के लिए फेसबुक-इंस्टाग्राम पर ढूंढता था ग्राहक

Crime news राजस्थान, गुजरात और एमपी में अवैध हथियार बेचने के के लिए फेसबुक-इंस्टाग्राम पर ढूंढता था ग्राहक

खमनोर. इलाके में अपराधों की जड़ें जमाने के मकसद से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाली बदमाशों की चैन की मुख्य कड़ी भी पुलिस के हाथ लग गई है। पुलिस ने पिछले 20-22 दिनों में आधा दर्जन से ज्यादा अवैध हथियारों व जिंदा कारतूसों के साथ पकड़े गए बदमाशों को हथियार बेचने वाला सप्लायर भी धरदबोचा। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि सप्लायर फेसबुक-इंस्टाग्राम पर ग्राहक ढूंढता था। प्रोफाइल में घुसकर पड़ताल करता और अवैध हथियारों का खरीदार लगने पर फैं्रड रिक्वेस्ट भेजकर बातचीत करता। ग्राहक पर पक्का यकीन हो जाने पर उसे बताई गई लोकेशन पर बुलाकर हथियार बेच देता।
थानाधिकारी नवलकिशोर ने बताया कि थाना क्षेत्र में अलग-अलग जगहों से पिस्टलनुमा अवैध हथियार (देशी कट्टे) व जिंदा कारतूस बरामद किए थे। इन हथियारों की सप्लाई करने वाले मास्टरमाइंड जालौर जिले के भाद्राजून निवासी ओमप्रकाश ऊर्फ ओमसा (26 ) पुत्र मोड़ाराम मेघवाल को भी गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। इसी ने उन सभी बदमाशों को हथियार सप्लाई किए थे, जिन्हें पिछले 20-22 दिनों में खमनोर थाना पुलिस ने अभियान चलाकर पकडऩे में कामयाबी हासिल की थी। पुलिस ने पूछताछ की तो सामने आया कि वह कई राज्यों में सोशल मीडिया के जरिये ग्राहक बनाकर अवैध हथियार व कारतूस बेच रहा था। उसके सप्लाई किए कई अवैध हथियार और कारतूस पिछले दिनों खमनोर थाना पुलिस ने पकड़े और हथियार रखने वालों को गिरफ्तार किया है।
हथियारों के खरीदार व वारदात को अंजाम देने से पहले ही एक के बाद एक सभी बदमाशों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर चुकी है। कोर्ट के आदेश पर सभी बदमाशों को जेल भेज दिया है। इधर, गुरुवार को पुलिस गिरफ्त में आए सप्लायर को भी कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे अवैध हथियारों के प्रकरण में अनुसंधान के रिमांड पर रखने के आदेश हुए है। हथियार खरीदने वाले बदमाश और सप्लायर को पकडऩे वाली पुलिस टीम में एएसआई शांतिलाल व नंदलाल, हैड कांस्टेबल हरिसिंह, संदीप कुमार, उदयलाल, कांस्टेबल मोहित कुमार, बुधराम, नरेंद्र कुमार, पवन कुमार व अन्य शामिल रहे।

राजस्थान-गुजरात के थानों में कई मामले
शातिर बदमाश ने कई राज्यों में अवैध हथियार सप्लाई का नेटवर्क फैला रखा था। राजस्थान के जालौर, सिरोही, राजसमंद जिलों के थानों के अलावा गुजरात राज्य में अहमदाबाद शहर के थानों में भी मामले दर्ज हैं। हथियार सप्लाई के पूर्व में दर्ज प्रकरणों में वांछित होने के कारण वह फरारी काट रहा था। उसने जिन्हें हथियार बेचे, उनमें से कई के खमनोर पुलिस द्वारा पकड़े जाने की खबर मिलने के बाद वह जबलपुर, कोटा, सीकर, उदयपुर आदि स्थानों पर भागता फिर रहा था। उसने उदयपुर, राजसमंद, जालौर, सिरोही में हथियार सप्लाई करना कबूला है। हथियार कहां से खरीदकर लाता, सौदा कैसे तय करता, कितने में बेचता इन तथ्यों पर भी पुलिस अनुसंधान कर रही है।

कोई ठौर नहीं, सोशल मीडिया ही ठिकाना
थानाधिकारी ने बताया कि अवैध हथियारों का सप्लायर ओमप्रकाश मेघवाल सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर राजस्थान, गुजरात व मध्यप्रदेश में अवैध हथियार बेच रहा था। उसके रहने का कोई एक निश्चित स्थान नहीं था। सोशल मीडिया ही उसका स्थाई ठिकाना रहा। वह सोशल मीडिया से ही बातचीत कर अपने संभावित और कन्फर्म ग्राहकों के संपर्क में बना रहता और इस राज्य से उस राज्य, इस जिले से उस जिले में घूमता-फिरता। अवैध हथियार सप्लाई के अपराधिक धंधे में उसकी इस कपटचाल ने पीछा करने वाली खमनोर थाना पुलिस को भी खूब छकाया। हर दिन लोकेशन बदल देने से पुलिस को उसके पीछे 4 हजार किलोमीटर तक भागना पड़ा।