
राजसमंद. शहर के महाराणा प्रताप उद्यान में सवा साल पहले लगाई गई महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अभी तक अनावरण नहीं हुआ है। ठेकेदार की ओर से छोटी प्रतिमा लगाई गई, जिसे बदलवाकर बड़ी लगवाई गई। इससे लागत आदि बढऩे पर सरकार से मागदर्शन मांगा गया था, तभी से मामला अटका हुआ है। शहर के महाराणा प्रताप उद्यान में नवम्बर 2023 में अश्वारूढ़ प्रतिमा लगाई थी। लेकिन प्रतिमा छोटी लगने पर उसे बदलवाया गया था। इसके बाद विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव के चलते मामला ठंडे बस्ते में चला गया। चुनाव पूरे हुए भी एक साल से अधिक होने के बावजूद आज तक प्रतिमा का अनावरण नहीं हुआ है। प्रतिमा के चहुंओर बनने वाले सर्कल पर लगी घास और पौधे भी सूख गए हैं। प्रतिमा को जिस दिन से लगाया गया है उस दिन से लाल कपड़े में लिपटी हुई है। अब कपड़ा भी फटने लग गया है। इसके बावजूद प्रतिमा का अनावरण नहीं किया जा रहा है। इससे आमजन में भी रोष बढ़ता जा रहा है। उल्लेखनीय है कि उस समय महाराणा प्रताप उद्यान को जे.के.गार्ड के नाम से जाना जाता था।
नगर परिषद के जानकारों के अनुसार महाराणा प्रताप उद्यान में प्रतिमा लगाने के लिए पिछली कांग्रेस सरकार में 30 लाख रुपए का टेण्डर किया गया था। संबंधित ठेकेदार ने घोड़े पर बैठे महाराणा प्रताप की प्रतिमा भी लगा दी, लेकिन देखने में और सर्कल के हिसाब से काफी छोटी लगी। इस पर नगर परिषद और तत्कालीन जिला कलक्टर के आदेश पर ठेकेदार ने 800 किलो वजनी की जगह 1600 किलो वजनी प्रतिमा लगा दी। इससे ठेकेदार का बजट भी दुगना हो गया। इस दौरान नगर परिषद में तत्कालीन आयुक्त ने उक्त प्रकरण में लागत बढऩे के कारण सरकार के पास मार्गदर्शन के लिए भेज दिया गया। तभी से यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। ठेकेदार को भी अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। डीएलबी ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट सरकार को भेज दी है। वहां से स्वीकृति मिलने पर ही प्रतिमा अनावरण की उम्मीद जताई जा रही है।
जिला मुख्यालय पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापना की लम्बे अर्से से मांग की जा रही थी। इसी बीच 22 मई 2023 को विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने जिला परिषद के निकट तिराहे पर लोहे के एंगल से बने छोटे सर्कल पर महाराणा प्रताप की आदमकद लघुप्रतिमा स्थापित कर माल्यार्पण कर दिया गया। नगर परिषद की ओर से 23 मई 2023 को प्रतिमा को हटवाकर नगर परिषद परिसर में रखवा दिया गया। इससे माहौला गर्मा गया था। इसके पश्चात नगर परिषद की ओर से राजनगर पुलिस थाने में करीब 40 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। एफआईआर में मूर्ति लगाने के स्थान पर हाईकोर्ट का स्टे होने, बिना अनुमति व सूचना प्रतिमा स्थापित करने, सडक़ के बीच अतिक्रमण, सडक़ खोदने व महाराणा प्रताप की लघु प्रतिमा को ठेस पहुंचने की आशंका का उल्लेख किया था।
वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप की अश्वारूढ़ प्रतिमा स्थापित करने के लिए नगर परिषद की बोर्ड मिटिंग में प्रस्ताव फरवरी 2023 में लिया था। विवाद के बाद टेण्डर आदि जारी किए गए थे। इसके बाद संबंधित ठेकेदार ने छोटी प्रतिमा लगाई और फिर उसके बाद उसे बदलवाया गया था।
नगर परिषद की ओर से महाराणा प्रताप उद्यान में लगाई गई महाराणा प्रताप की अश्वारूढ़ प्रतिमा का जल्द ही अनावरण करवाया जाएगा।
Published on:
20 Jan 2025 09:53 am
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