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यहां अंतिम संस्कार से पहले शव भी पार करता है नदी का पानी

- नाथद्वारा उपखण्ड की धांयला पंचायत के गुड़ला गांव का मामला

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नाथद्वारा. राजसमंद जिले का गुड़ला गांव ऐसे हालात से दो-चार हो रहा है, जहां किसी की मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए आज भी शव को नदी के पानी से गुजरकर पार ले जाना पड़ता है। धांयला पंचायत के इस गांव में बुधवार को भी ऐसा ही कुछ हुआ। एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में उसकी देह को लोगों को नदी में लबालब भरे पानी से होकर ले जाना पड़ा, जिससे खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
लोहार समाज के एक व्यक्ति का निधन हो जाने पर बुधवार को प्रात: जब अंतिम संस्कार के लिए रवाना हुए तो अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को अर्थी को यहां से होकर गुजर रही खारी नदी के पानी में से होकर गुजरना पड़ा। इस दौरान अंतिम संस्कार में शामिल हुए मृतक के परिवारजन, रिश्तेदारों व ग्रामीणों को भी नदी में से होकर गुजरना पड़ा। नदी में घुटने तक पानी बह रहा था। अंदर जमीन पर कांई जमा होननेसे कुछ लोग तो फिसल भी गए पर गनीमत रही हादसा नहीं हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि शमशान घाट जहां पर है उसके आसपाास कोई पुलिया नहीं है और जो पुलिया बना हुआ है वो काफी दूर है ऐसे में शमशान घाट पर जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों ने बताया कि इस क्षेत्र से पंचायत समिति में भी पूर्व में प्रभावी प्रतिनिधित्व रहा एवं वर्तमान में भी बड़े नेतओ के द्वारा विकास के दावे किए जा रहे हैं, परंतु किसी की मौत पर उसके अंतिम संस्कार में रास्ते को लेकर जो समस्या आ रही है उसके समाधान के लिए किसी भी जनप्रतिनिधि ने गंभीरता नहीं दिखाई है। बताया कि अगर यहां पर पुलिया बनवा दिया जाता तो ग्रामीणों को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।

पुलिया की है जरूरत
धांयला ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच रहे शंभूङ्क्षसह राजपूत ने बताया कि यहां पर अधिकांश श्मशान घाट नदी मेंं हैं, जिसके चलते कुछ क्षेत्र में पानी में से होकर जाना पड़ता है। ऐसे में पुलिया बना दी जाए तो समस्या का समाधान हो जाएगा।

नदी के बीच है श्मशान
गुड़ला क्षेत्र में कई भागलों की बसावट है, जहां पर विभिन्न समाज के लोग निवास करते हैं, जिनमें से अधिकांश के श्मशान घाट नदी के किनारे या नदी के बीच में ही है। इसके बावजूद इस समस्या का समधान बरसों बाद भी कोई नहीं कर पाया है।

जल्द से जल्द होना चाहिए समाधान
बुधवार को जिस व्यकित का निधन हुआ उस परिवार के सदस्य वार्डपंच मुकेश कुमार लौहार ने बताया कि आज उन्हें काफी दुख हुआ कि अंतिम संस्कार के दौरान इस प्रकार परेशानी का सामना करना पड़़ा। ऐसे में इस समस्या का तत्काल समाधान होना चाहिए।