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ऐतिहासिक हल्दीघाटी युद्ध से जुड़े स्थलों की हालत देख कह दी इतनी बड़ी बात…पढ़े पूरी खबर

जिला कलक्टर ने हल्दी घाटी युद्ध से जुड़े स्थल रक्तलाई, शाहीबाग, चेतक समाधि व प्रताप स्मारक का निरीक्षण किया तो वहां पर अव्यवस्था पर खासे नाराज हुए। ऐतिहासिक स्थल की दुर्दशा देखकर उन्होंने तुरंत इसमें सुधार करवाने के निर्देश दिए।

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खमनोर. महाराणा प्रताप और अकबर की सेनाओं के बीच 18 जून 1576 को हुए ऐतिहासिक हल्दीघाटी युद्ध से जुड़े स्थलों की दुर्दशा देखकर कलक्टर खफा हो गए। उन्होंने बिगड़ी दशा पर खासी नाराजगी जताई और जल्दी ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ बैठक बुलाने के निर्देश दिए। कलक्टर बालमुकुंद असावा गुरुवार शाम करीब 5 बजे खमनोर कस्बे में स्थित मुख्य रणक्षेत्र रक्ततलाई पहुंचे। यहां वे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा वर्ष 2003-04 में विकसित किए गए उद्यान और संरक्षित स्मारकों की मौजूदा स्थिति देखी तो वे खफा हो गए। उन्होंने देखा कि कई वर्षों से संरक्षण और रखरखाव के अभाव में उद्यान की हालत खराब हो गई है। प्राचीन स्मारकों और दो दशक पहले किए गए निर्माण टूट-फूट और क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई विशेष प्रजाति के पौधे और घास विलुप्त हो गई। देशी घास व झाडिय़ां उग आई हैं। कलक्टर ने ये भी देखा कि रोशनी के लिए लगाई गई लाइटें और पोल टूट गए, पाथ-वे, रेस्टिंग प्लाजा, फाउंटेन जीर्ण-शीर्ण हो गए हैं। रक्ततलाई की ऐसी दुर्दशा देख कलक्टर खासे नाराज हुए। उन्होंने कहा कि इतने महत्व के स्थलों की ढंग से देखरेख भी नहीं हो रही है। स्थलों की लगातार उपेक्षा की गई है। उन्होंने विश्व के इतिहास में स्थान रखने वाली इस रणभूमि के संरक्षित स्मारकों की दुर्दशा के लिए संबंधित विभाग के अलावा स्थानीय स्तर पर प्रशासन की अनदेखी को भी जिम्मेदार माना।

एएसआई के अधिकारियों को बुलाएं और करें चर्चा

कलक्टर ने ऐतिहासिक स्थलों में सुधार के लिए एसडीएम व बीडीओ को निर्देश दिए। कलक्टर ने नाथद्वारा एसडीएम रक्षा पारीक को निर्देश दिए कि वे जल्दी ही एएसआई के क्षेत्रीय अधिकारियों को बुलाएं और उनके साथ इन स्मारकों के हालात को लेकर एक बैठक आयोजित करें। कलक्टर ने कहा कि इन स्थलों के रखरखाव, सुधार, स्वच्छता और विकास के विषय पर चर्चा के लिए खुद भी बैठक में आएंगे। कलक्टर ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को फिलहाल अपने स्तर पर जल्दी ही उद्यान में देशी घास, झाडिय़ों की सफाई, स्मारकों की स्वच्छता कायम करने के निर्देश दिए। साथ ही नियमित रखरखाव में सहयोग करने के निर्देश भी दिए। एसडीएम को ये भी कहा कि वर्तमान में हो रही दुर्दशा को ठीक करने के अलावा पर्यटन और विकास के और क्या काम कराए जा सकते हैं, इसकी भी एक रिपोर्ट तैयार करें। कलक्टर ने रक्ततलाई के बाद शाहीबाग उद्यान, चेतक समाधि उद्यान व प्रताप स्मारक भी देखे और इन स्थलों को भी संरक्षित करने और रखरखाव से अच्छा बनाने के निर्देश दिए। विजिट के दौरान विकास अधिकारी हनुवीर सिंह, तहसीलदार चंदा कुंवर गुहिल भी उनके साथ रहे। इससे पूर्व कलक्टर ने खमनोर पंचायत समिति के सभागार में ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों व कार्मिकों के साथ राज्य व केंद्र सरकार की योजनाओं की प्रगति व आमजन के हितों से जुड़े विषयों पर बैठक कर दिशा-निर्देश दिए।

राजीविका कार्यालय में विजिट, उत्पादों की जानकारी ली

कलक्टर असावा ने खमनोर पंचायत समिति परिसर में संचालित राजीविका के सीएलएफ कार्यालय का भी निरीक्षण किया। राजीविका के स्टॉफ व स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से संस्थान की ओर से चलाए जा रहे रोजगारोन्मुखी कार्यक्रमों पर चर्चा की। राजीविका कार्यालय में प्रदर्शनी में लगे मोलेला आर्ट, हल्दीघाटी चैत्री गुलाब के उत्पाद, जूट के बैग व अन्य प्रकार के उत्पादों के बारे में जानकारी ली। कलक्टर ने शाहीबाग जाकर समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे गुलाब जल, गुलकंद, इत्र सहित कई प्रकार के उत्पादों की प्रोसेसिंग यूनिटों का भी निरीक्षण किया और विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान बीपीएम पुनित पालीवाल, पीएएमआईएस रेखा पालीवाल, महिला निधि बैंक प्रतिनिधि प्रिया चारण सहित सीएलएफ स्टॉफ व समूहों से जुड़ी महिलाएं भी उनके साथ थीं।

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