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मादड़ी-सरदारगढ़ मार्ग की सड़क खस्ता, रोजाना हादसे का खतरा

मादड़ी चौराहा से सरदारगढ़ तक करीब सोलह किलोमीटर लंबी डामर सड़क गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
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राजसमंद

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Madhu Sudhan Sharma

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Updated: 19 Nov 2025, 12:09 PM IST

Road Break news

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कुंवारिया. मादड़ी चौराहा से सरदारगढ़ तक करीब सोलह किलोमीटर लंबी डामर सड़क गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सड़क पर पड़े गहरे गड्ढे, कटे किनारे और उखड़ा हुआ पैच-वर्क के कारण स्थानीय लोग व यात्रियों को हर वक्त दुर्घटना का डर बना रहता है। प्रतिदिन भारी वाहन इस मार्ग से गुजरने के कारण कई स्थानों पर सडक़ दबकर धंस गई हैं और कुछ हिस्सों में ब्लैक-स्पॉट बन चुके हैं, जिससे हादसे की आशंका और बढ़ गई है।

पेचवर्क का डामर उखड़ चुका

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सीमाल चौराहा, साकरोदा चौराहा और धनौली चौराहा के आसपास सड़क की हालत सबसे खराब है। कई स्थानों पर पहले किए गए पेचवर्क का डामर उखड़ चुका है और उखड़ी हुई डामर-गिट्टी सड़क पर फैल जाने से विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों को ज्यादा परेशानी और जोखिम झेलना पड़ता है। सड़क के क्षतिग्रस्त किनारों पर वाहन फिसलने और पलटने का खतरा बना रहता है।

खुले गड्ढे और उखड़ी हुई गिट्टी

ग्रामीणों ने कहा कि खुले गड्ढों और उखड़ी हुई गिट्टी के कारण रात्रि में मार्ग और भी खतरनाक हो जाता है, क्योंकि ब्लैक-स्पॉट और घुमावदार हिस्सों पर चालक समय पर नुकसान का अंदाजा नहीं लगा पाते। इस मार्ग से दैनिक आवागमन के साथ-साथ कृषि व वाणिज्यिक परिवहन भी होता है, इसलिए मरम्मत की जल्द आवश्यकता है।

स्थायी मरम्मत कराने की मांग

सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों नारायण लाल जांगिड़, जगदीश जाट, देव सुथार, विजय गुर्जर, रतन लाल खटीक, छोगा लाल, मोहन लाल, भंवर लाल और नाथुलाल ने संयुक्त रूप से जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से इस सड़क की शीघ्र और स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अस्थायी पैच-वर्क से समस्या केवल अस्थायी रूप से छिपती है; स्थायी सुधार और नियमित रखरखाव ही लंबी अवधि में सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है।