
कुंभगलगढ़ में विचरण करता चौसिंगा
वन विभाग के उप वन संरक्षक डॉ.ए.एन.गुप्ता ने बताया कि कुंभलगढ़ स्थित वन्यजीव अभ्यारण्य में पर्यटकों को जिप्सी सफारी से वन्यजीवों की साइटिंग करवाई जा रही है। सफारी ट्रेक के आस-पास वन्यजीव जैसे पैंथर, सांभर, भालू, जंगली मुर्गे, लंगूर सामान्यता दिखाई देते हैं। अभ्यारण्य क्षेत्र में विलुप्त चौसिंगा भी दिखाई देने लगा है, परन्तु इनकी संख्या कम है। यह पर्यटकों को चौसिंगा विचरण करते नजर आने लगा है। चौसिंगा का वैज्ञानिक नाम टेट्रासेरस कॉड्रिकॉरनिस है। छोटा ऐंटीलोप है जो भारत और नेपाल के जंगलों में पाया जाता है। उन्होंने बताया कि कुंभलगढ़ अभ्यारण्य में वर्ष 2022 में कराई गई कैमरा ट्रेप सर्वे की रिपोर्ट में चौसिंगा 52 में से 07 कैमरों में दिखाई दिया था। वन विभाग की ओर से ग्रासलैंड विकसित करवाए गए हैं। इसके साथ ही वन्यजीवों के लिए पानी की व्यवस्था की गई है, इससे इनकी संख्या बढऩे की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि वन विभाग की ओर से जिले में पक्षी गणना भी कराई जा रही है। २३ जलाशयों पर पक्षी विशेषज्ञ गणना में जुटे हैं।
Published on:
05 Feb 2024 11:24 am
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