
एक लाख के बजट में दो लाख का गबन : पंचायत समिति की जांच रिपोर्ट
राजसमंद. भीम पंचायत में मगरा विकास योजना में सडक़ बनाए बगैर दो लाख रुपए उठाने के मामले में ग्राम सेवक के निलंबन के बाद नया मोड़ आया है। सरपंच का दावा है कि बजट स्वीकृति ही एक लाख की है, तो दो लाख का गबन कैसे हुआ? मौके पर सडक़ बनी होने के दावे पर कलक्टर द्वारा फिर जांच कराई जा रही है। अनियमितता की शिकायत पर विकास अधिकारी ने गत 11 जून को भीम वर्ष 2014 से 2018 तक हुए कार्यों की जांच के आदेश दिए थे। सहायक लेखाधिकारी व सहायक अभियंता द्वारा की जांच में स्वीकृत सीसी सडक़ का निर्माण नहीं होने और दो लाख 125 रुपए गबन करना सामने आया। बीडीओ ने सरपंच के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भेज दी। भीम सरपंच ने बीडीओ पर झूठी जांच रिपोर्ट पेश कर जबरन फंसाने का आरोप लगा कलक्टर को ज्ञापन दिया। इसमें दावा किया कि मगरा विकास योजना में 17 सितंबर 2015 को 1 लाख 18 हजार 500 रुपए का बजट स्वीकृत हुआ। भीम पड़ाव मैन रोड से हनुमान मंदिर निचला बाजार तक सीसी सडक़ का निर्माण कर दिया। माल क्रय कर चावंडा सप्लायर एंड कन्स्ट्रक्शन को 15 जुलाई 2016 को चेक से भुगतान भी किया। अब पूरे प्रकरण की जांच के लिए कलक्टर आनंदी ने आदेश दिए हैं।
जांच में मिली अनियमितता
जांच में अनियमितता सामने आई है। जिला पषिद सीईओ को जांच रिपोर्ट भेजी गई है। अन्य ग्रामसेवकों ने भी ऐसा ही लिख कर दिया है।
भागीरथ मीणा, विकास अधिकारी पंचायत समिति भीम
राजनीति दबाव में झूठी जांच
पंचायत समिति के कार्मिक जबरन पट्टे लेना चाहते हैं। मुझ पर राजनीतिक दबाव के लिए बीडीओ ने झूठी जांच रिपोर्ट तैयार कराई। सडक़ बनी है और बाकायदा चेक से भुगतान के दस्तावेज भी हैं। निष्पक्ष जांच पर सच्चाई सामने आ जाएगी।
गिरधारीसिंह रावत, सरपंच भीम
आमेट को मिले टिकट
आमेट. कुंभलगढ़ विधानसभा से कांग्रेस सेवादल संरक्षक दिलीपसिंह राव ने कहा कि अब तक कांग्रेस की उम्मीदवारी से आमेट क्षेत्र वंचित रहा है। उन्होंने इस बार आमेट उपखण्ड क्षेत्र के ही व्यक्ति को टिकट दिए जाने की वकालात करते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं की आवाज भी इसके पक्ष में जोरदार ढंग से उभरी है। वे आमेट उपखंड पत्रकार परिषद की ओर से रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बोल रहे थे।
Published on:
18 Jun 2018 11:27 am
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