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आखिर कहां से आई मूर्ति ?

छोटे भाईयों का आरोप गर्भगृह में मिली, बड़े भाई का आरोप छोटे भाई साथ लेकर आए, कांकरोली में द्वारकाधीश की नकली मूर्ति का मामला

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कांकरोली में श्री द्वारकाधीश मंदिर में पुलिस द्वारा सीज नकली मूर्ति आखिर कहां से आई। इसको लेकर दूसरे दिन रविवार को भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई। मंदिर के गोस्वामी ब्रजेश कुमार ने उनके छोटे भाईयों पर मूर्ति साथ लेकर आने का आरोप लगाया है, जबकि दोनों छोटे भाई नकली मूर्ति गर्भगृह में मिलने का दावा कर रहे हैं।

मंदिर में द्वारिकाधीश की दो मूर्तियां होने पर बवाल


दोनों ही पक्षों ने एक दूसरे पर श्री प्रभु की असल मूर्ति को गायब कर बेचने की षडय़ंत्र रचने के आरोप लगाए। घटना के बाद सुबह दस बजे कांकरोली वृत्त निरीक्षक लक्ष्मणाराम विश्नोई ने पहुंचकर कार्यालय के ताले खुलवाए। मंदिर में श्री प्रभु के मंगला झांकी से ही निर्बाध दर्शन हुए।

श्री प्रभु की नकली मूर्ति पुलिस द्वारा सील चिट करने के बाद सुबह मंगला से ही नियमित दर्शन हुए। इधर, गोस्वामी पराग कुमार व शिशिर कुमार रविवार को भी श्री द्वारकाधीश मंदिर में रहकर श्री प्रभु की नियमित सेवा की। रविवार सुबह गोस्वामी ब्रजेश कुमार की आने की चर्चा का दौर भी उनके एडवोकेट नीरज के तिवाड़ी व प्रतिनिधि डॉ. जयेश शाह के रविवार सुबह कांकरोली पहुंचने पर थम गई। फिर भी लोगों की शंका का समाधान नहीं हो पाया कि आखिर सच्चाई क्या है। यह दूसरी मूर्ति कहां से और कौन लाया, जब दोनों ही पक्ष बता रहे हैं कि वे मूर्ति नहीं लाए ?

छोटे भाई पराग कुमार, वागीश कुमार के आरोप

गोस्वामी ब्रजेश कुमार के प्रतिनिधि डॉ. जयेश शाह का आरोप