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यूरिया की मारामारी शुरू, काश्तकार चक्कर काटने को मजबूर

- जिले में डेढ़ हजार मैट्रिक टन की जरूरत, वर्तमान में मात्र 150 मैट्रिक टन उपलब्ध, कृषि विभाग का दावा जल्द मिलेगी यूरिया की खेप, दो हजार मैट्रिक टन की मांग    

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यूरिया की मारामारी शुरू, काश्तकार चक्कर काटने को मजबूर

राजसमंद जिला मुख्यालय पर स्थित क्रय-विक्रय केन्द्र यूरिया नहीं मिलने से पड़ा सूना।

राजसमंद. जिले में यूरिया खाद की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। जनवरी तक डेढ़ हजार मैट्रिक टन की आवश्यकता बताई जा रही है। किसान यूरिया खाद के लिए दुकानों एवं क्रय विक्रय सहकारी समिति के चक्कर काट रहे है, लेकिन उन्हें यूरिया नहीं मिल रहा है। रबी की वुवाई के दौरान भी डीएपी के लिए मारामारी हुई थी।

जिले में रबी की बुवाई पूरी हो गई है। गेहूं और जौ फसलों के लिए यूरिया की आवश्यकता होती है। इसके कारण ्अब इसकी मांग लगातार बढ़ती जा रही है। कृषि विभाग के अनुसार जिले में वर्तमान में 150 से 200 मैट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है, जबकि जनवरी तक डेढ़ हजार मैट्रिक टन यूरिया की आवश्यकता होगी। आगामी दो-चार दिनों में 450 मैट्रिक टन यूरिया उपलब्ध होने की उम्मीद है। साथ ही एक हजार मैट्रिक टन की मांग ओर की गई है। उल्लेखनीय है कि गेहूं और जौ फसलों के अच्छी बढ़वार के लिए यूरिया खाद डाला जाता है।

काश्तकारों को दे रहे नेनो यूरिया की बोतल : काश्तकारों ने बताया कि खाद एवं बीज की दुकानों पर यूरिया की मांग करने पर नैनो यूरिया उपलब्ध कराया जा रहा है। कई जगह तो यूरिया खाद के कट्टे के साथ यह आवश्यक रूप से दिया जा रहा है। इसके उपयोग की जानकारी नहीं होने और इसके परिणाम को लेकर आशांकित होने के कारण काश्तकार इससे दूरी बना रहे हैं। इसके कारण वह क्रय विक्रय सहकारी समिति के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अधिकांश स्थानों पर यूरिया के कट्टे उपलब्ध नहीं होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बुवाई के 20-25 दिन बाद करें प्रथम सिंचाई
कृषि विभाग के अनुसार गेहूं और जौ की फसलों में नमी की आवश्यकता के अनुसार करीब 20-25 दिन बाद प्रथम सिंचाई के दौरान यूरिया का उपयोग किया जाना फसलों के लिए फायदमेंद होता है। इससे फसलों की बढ़वार अच्छी होती है। उन्होंने चने की फसल में फली छेदक आदि का प्रकोप होने पर विभागीय अधिकारियों के बताए अनुसार उपचार किया जाना चाहिए।

जिले में यह हुई फसलों की बुवाई

फसल लक्ष्य बुवाई

गेहूं 30000 29665

जौ 8000 8469

चना 10000 7551

सरसों 2000 1360

अन्य फसल 5000 3101

कुल 55000 50198

यूरिया की हो रही आपूर्ति

जिले में यूरिया की मांग बढ़ती जा रही है। यह 15 जनवरी तक बढऩे की उम्मीद है। उदयपुर में रेक लगी थी उससे 450 एमटी यूरिया मिल रहा है। साथ ही चंदेरिया में आगामी दिनों में लगने वाली रैक से भी 400 से 500 एमटी यूरिया मिलेगा। इसके अलावा भी डिमांड विभाग को भेज रखी है।

के.सी. मेघवंशी, उप निदेशक, कृषि विभाग विस्तार, राजसमंद