
राजसमंद. कारोबारियों को अगवा कर लाखों रुपए ऐंठने वाले युपी (उत्तरप्रदेश) व गुजरात की गैंग के पांच शातिर बदमाशों को सोमवार दोपहर राजसमंद में पकड़ लिया। राजसमंद पुलिस की मदद से युपी पुलिस ने द्वारिका नगर कांकरोली में स्थित एक मकान में दबिश देकर पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया, जहां से अपहृत तीन गुजरात के व्यापारी व कारोबारियों को भी पुलिस ने मुक्त करवा दिया। फिर शाम को युपी पुलिस सभी आरोपित को लेकर गोमतीनगर थाना, लखनऊ के लिए रवाना हो गई। कांकरोली थाना पुलिस ने 0 नम्बर का प्रकरण दर्ज कर रिपोर्ट यूपी पुलिस के हवाले कर दी। पुलिस उप अधीक्षक राजेंद्रसिंह राव ने बताया कि उत्तरप्रदेश के गोमतीनगर पुलिस थाना क्षेत्र में एक व्यापारी को अगवा कर 40 लाख रुपए ऐंठने के बाद उसे छोड़ दिया, मगर उसी दिन व्यापारी ने दम तोड़ दिया। उस वारदात के बाद उत्तरप्रदेश पुलिस ने अपहरण कर फिरौती ऐंठने के मामले में एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया, जबकि आधा दर्जन आरोपी यूपी से फरार होकर गुजरात पहुंच गए। उत्तरप्रदेश पुलिस आरोपित की तलाश करते हुए राजसमंद पहुंच गई और राजनगर-कांकरोली थाना पुलिस की मदद से हाउसिंग बोर्ड के द्वारिकानगर में स्थित एक मकान में दबिश दी। पुलिस को देख आरोपित भागने का प्रयास करने लगे, मगर पुलिस जवानों ने घेराबंदी कर सभी को दबोच लिया। उसी मकान में बंधक बना रखे गुजरात के तीन कारोबारियों को भी पुलिस ने मुक्त करा दिया।
अपहरण गैंग के ये हैं शातिर
गटड़ा स्वामीना, गटड़ा, जिला भावनगर (गुजरात) निवासी रामजी भाई उर्फ धीकभाई उर्फ जाडा भाई पुत्र जीना भाई पटेल, जेतपुर$, जिला राजकोट (गुजरात) निवासी भावेश भाई पुत्र मनु भाई पटेल, केवलपुर, बहराईच (उत्तरप्रदेश) निवासी भानुप्रतापसिंह पुत्र मनोहर सिंह चौधरी राजपूत, जेतपुर, राजकोट (गुजरात) निवासी दिलीप भाई पुत्र मालदेव भाई अहीर एव गटड़ा स्वामीना, जिला भावनगर (गुजरात) निवासी आरिफ पुत्र इकबाल भाई गांछी।
पीडि़त से कॉल करवा मंगवाते पैसे
खरीद-फरोख्त या व्यापार का झांसा देकर व्यापारियों को अगवा करने के बाद उन्हें अज्ञात स्थान पर बंधक बना लेते। फिर बेरहम पिटाई कर बंधक व्यापारियों को उन्हीं के मोबाइल से उनके परिजनों को कॉल करने को मजबूर करते और व्यापार, डील या माल खरीद के लिए अर्जेन्ट पैसे हवाला के जरिये या ऑनलाइन आरटीजीएस के जरिये मंगवा लेते। इससे पीडि़तों के परिजनों को यह शक नहीं होता कि उनका अपहरण हुआ और फिरौती मांगी जा रही है।
इन व्यापारियों को कराया मुक्त
सिद्ध विनायक नगर, मुन्दा, भुज, जिला कच्छ (गुजरात) निवासी विनोद (39) पुत्र रमेश गुर्जर, मुगलवाड़ा, यासीन खान पठान रोड बड़ौदा (गुजरात) निवासी इरफान (40) पुत्र तयब, नवलपुरा, शनि कॉम्प्लेक्स, बी-302 भावनगर (गुजरात) निवासी सरफराज (34) पुत्र इन्तखाब खान को 10 से 12 दिनों से हाउसिंग बोर्ड के द्वारिकानगर में रवि नागदा के मकान में बंधक बनाकर रखा हुआ था।
डायमंड-चश्मे का दिया झांसा
पीडि़त विनोद ने बताया कि 7 अप्रेल को मुकेश भाई ने मोबाइल पर संपर्क कर नेपाल के राजा का डायमंड सस्ती दर में खरीदने का झांसा दिया। साथ ही बताया कि डायमंड राजसमंद जिले के नाथद्वारा में उसके मित्र के पास है और खरीदना चाहो तो नाथद्वारा जाकर देख सकते हो। इस पर विनोद उसके मित्र इरफान के साथ हिम्मतनगर पहुंच गया, जहां से मुकेश मोदी अकेला ही था और तीनों कार से नाथद्वारा पहुंच गए। नाथद्वारा में पांचों आरोपितों ने मिलकर विनोद व इरफान को बंधक बना लिया और हाउसिंग बोर्ड स्थित मकान में ले आए। इसी तरह सरफराज को कॉल कर झांसा दिया कि एक ऐसा चश्मा है, जिसके जरिये जमीन में 10 फीट गहराई तक देखा जा सकता है। जिसे देखने व खरीदने के लिए सरफराज नाथद्वारा पहुंच गया, जहां से उसे भी अगवा कर उसी मकान में बंधक बना लिया।
Published on:
17 Apr 2018 08:38 am
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