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महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर चढ़े समाजकंटक, कंधे और राजमुकुट पर बैठे, Video वायरल

महाराणा प्रताप स्मारक पर लगी प्रताप की अश्वारूढ़ प्रतिमा पर कुछ असामाजिक तत्वों के चढ़कर बैठ जाने और डांस करने का एक छोटा सा वीडियो वायरल हुआ है। प्रताप की प्रतिमा पर बैठे दोनों युवक भी हल्के-फुल्के अंदाज में झूम रहे हैं।

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महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर चढ़े समाजकंटक, कंधे और राजमुकुट पर बैठे, वीडियो वायरल

हल्दीघाटी में चेतक मगरी पर बने महाराणा प्रताप स्मारक पर लगी प्रताप की अश्वारूढ़ प्रतिमा पर कुछ असामाजिक तत्वों के चढ़कर बैठ जाने और डांस करने का एक छोटा सा वीडियो वायरल हुआ है। महज 10 सैकंड के इस वीडियो में दिख रहा है कि एक युवक महाराणा प्रताप की प्रतिमा के उस प्रतीकात्मक राजमुकुट पर जा बैठा है, जो मुगल साम्राज्य के सामने कभी झुका नहीं। दूसरा युवक प्रताप के हाथ में भाला है, उस पर बैठा है। और तीसरा युवक 13 फीट ऊंचे पेडस्टल पर चढ़कर चेतक के आगे खड़ा है और दोनों हाथ लहराते हुए नाच रहा है। प्रताप की प्रतिमा पर बैठे दोनों युवक भी हल्के-फुल्के अंदाज में झूम रहे हैं। वीडियो को शूट करने के बाद लोक संस्कृति के एक गाने पर मिक्सिंग कर वायरल किया गया है।

वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है कि प्रताप के मुकुट पर बैठा युवक गहरे रंग की पैंट, सफेद शर्ट पहने व काला चश्मा लगाए हुए हैं। उसने अपने पैर प्रताप प्रतिमा के कंधों पर टिका रखे हैं, जबकि भाले के सहारे अश्व पर बैठे युवक ने ब्लू रंग की जींस पैंट और हल्के फिरोजा रंग का टी-शर्ट पहना हुआ है। प्रतिमा के आगे पेडस्टल पर खड़े युवक ने काले रंग की पैंट और गहरे रंग का शर्ट पहन रखा है। हालांकि अभी तक इन युवकों की पहचान की पुष्टि नहीं हो पाई है। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें दो युवकों में से एक हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए अपने नाम रतनाराम और लादूराम बता रहा है।

वीडियो में युवक कह रहा है कि ‘हम 36 कौम से मांफी मांगते हैं। महाराणा 36 कौम के आदरणीय है। हमसे भूल हो गई है। भविष्य में ऐसी गलती कभी नहीं करेंगे। हम राजपूत समाज से भी मांफी मांगते हैं।’ वीडियो में मांफी मांगते युवकों की बोली से लग रहा है कि वे प्रदेश के किसी अन्य जिले के हो सकते हैं। संभवतया वे स्थानीय जिले के नहीं है। पहले घटना का और फिर माफी मांगने के इन दोनों वीडियो को एक ही मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। असामाजिक तत्वों की इस हरकत से लोगों में गुस्सा भर गया है। लोग इन्हें गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं। इस घटना से स्मारक की देखरेख और सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

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संगठनों ने दिया ज्ञापन, कार्रवाई की मांग
जय मेवाड़ नवयुवक मंडल अध्यक्ष हेमंतसिंह मोजावत, जय हल्दीघाटी नवयुवक मंडल अध्यक्ष चेतन पंवार, गिरजेश पालीवाल, देवीलाल सोलिया, माधूसिंह, बसंतीलाल लोढ़ा, देवीलाल सोनी, सुरेश माली, विक्रमसिंह गौड़, गोपाल पंवार, जुगनू पुरोहित सहित अनेक लोगों ने नायब तहसीलदार नंदलाल जोशी को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, डीजीपी, कलक्टर ज्ञापन देकर असामाजिक तत्वों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग की। साथ ही पूरे मेवाड़ में महाराणा प्रताप के गौरव से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है।

आक्रांताओं से लोहा लेकर मेवाड़ का मस्तक ऊंचा रखने वाले प्रताप के मान-सम्मान को चोट पहुंचाने जैसी हरकत पहली बार नहीं हुई हैं। हल्दीघाटी में प्रताप की इसी प्रतिमा को पहले भी कई बार नुकसान पहुंचाया जा चुका है। पिछले डेढ़ दशक में अनेक घटनाएं हो चुकी हैं। पहले दो बार प्रताप की प्रतिमा का असामाजिक तत्वों ने भाला तोड़ दिया था। प्रतिमा स्थल के चारों ओर सुरक्षा के लिए लगी रैलिंगें तोड़ दी। पर्यटन विभाग द्वारा निर्मित प्रताप स्मारक पर लगी प्रतिमा जयपुर में बनी थी। अष्टधातु से बनी प्रतिमा में प्रताप के हाथ का भाला टूटने की घटना के बाद जयपुर से शिल्पकार को बुलवाकर ठीक करवाई गई थी, मगर विभाग ने स्मारक की सुरक्षा के उचित प्रबंध नहीं कर रखे हैं।

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