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इस बार विधानसभा चुनाव बिगाड़ेगा दीपावली पर नेताओं की मिठाई का स्वाद

उम्मीदवारी तय होने के तनाव में गुजरेंगे इस बार त्योहार, आचार संहिता भी लगाएगी कई तरह की रोक

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इस बार विधानसभा चुनाव बिगाड़ेगा दीपावली पर नेताओं की मिठाई का स्वाद

गिरिराज सोनी @ नाथद्वारा

नाथद्वारा. विधानसभा चुनाव की रणभेरी बजने के बाद अब सबसे बड़े त्योहार दीपावली के इस बार आचार संहिता में आने से राजनेताओं पर खासा असर दिखाई देगा। वहीं, छोटी दीपावली तक टिकट के चलते के उम्मीदवारों का तनाव भी कम नहीं होगा। चुनाव को लेकर यूं तो नामांकन प्रक्रिया १२ नवंबर से प्रारंभ हो जाएगी। तब तक दोनों राष्ट्रीय पार्टियों के द्वारा कहीं पर प्रत्याशियों के चयन को लेकर दावपेंच की राजनीति चलती रही तो नामांकन प्रक्रिया के आखिरी दिन १९ नवंबर तक यह उठापठक चलती रहेगी। पार्टी उम्मीदवार के नाम का चयन अंतिम समय तक भले ही नहीं कर पाए, परंतु १९ नवंबर को तो अंतिम चयन हर हाल में करके पार्टियों को उम्मीदवार के नाम चुनाव चिन्ह भी जमा कराना आवश्यक होगा।

इसी दिन देवोत्थान एकादशी यानि छोटी दीपावली भी है। इसके चलते उम्मीदवारों को पहले ७ नवंबर को दीपावली के दिन तो इस बात का तनाव रहेगा कि उन्हें टिकट मिलेगा या नहीं? इसमें नाम ऊपर-नीचे होने की गणित राज्य की सभी २०० विधानसभा सीटों में से कई सीटों पर अंतिम समय तक बनी रह सकती है। ऐसे में इसके बाद २२ नवंबर को नाम वापसी तक भी उठापठक रहेगी कि कौन नामांकन उठाएगा और कौन नहीं, क्योंकि पार्टी ने जिसको टिकट दिया वह प्रत्याशी पार्टी के सभी जनों को मंजूर है या नहीं या फिर वो कहीं बागी तो मैदान में नहीं रह जाएगा। यह सब तस्वीर २२ नवंबर को नाम वापसी के समय ही साफ हो पाएगी। ऐसे में इस विधानसभा चुनाव में विधायक बनने का सपना संजोये पिछले चार साल से जो भी राजनीतिक पार्टी के नेता लगे हुए हैं, उनको इस बार की दीपावली व छोटी दीपावली की मिठाई का पूरा स्वाद आने वाला नहीं है, बल्कि कई नेताओं की मिठाई का स्वाद तो बिगडऩे भी वाला है। यही नहीं आतिशबाजी करने के शौकीन राजनेताओं की भी यही स्थिति रहेगी और कई नेताओं को खुले मन से आतिशबाजी का मौका मिलेगा तो कई को यह अवसर शायद नसीब नहीं हो पाएगा।

कुरीतियां मिटाने के लिए समाज के युवा आगे आएं : रावत
भीम. भाट समाज महासभा नरवर दिवेर मगरा क्षेत्र का सम्मान समारोह रविवार को सेदरिया स्थित सामाजिक भवन परिसर में हुआ। समारोह नरवर दिवेर अध्यक्ष मिठालाल गिरदावर, कलवार अध्यक्ष राधेश्याम रुपावत, अजमेर अध्यक्ष गणपत लाल, मगरा अध्यक्ष रमेश कविया, पुष्कर अध्यक्ष लादुराम के सानिध्य में हुआ। इसमें नवनिर्वाचित मगरा अध्यक्ष कविया एवं कार्यकारिणी पदाधिकारियों का अभिनंदन किया गया। पूर्व अध्यक्ष मांगीलाल ने सामूहिक विवाह सम्मेलन के आयोजन का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। कलवार अध्यक्ष रावत ने संबोधित करते हुए कहा कि सामाजिक एकता अखंडता को बनाए रखते हुए सामाजिक कुरीतियों को मिटाने में युवाओं को समाज में योगदान देना होगा। समाज में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को समारोह में मगरा रत्न स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। संचालन हेमराज भाट ने किया। इस दौरान युवा समाजसेवी हीरालाल भाट, एडवोकेट गोपाल लाल, पृथ्वीराज, मिश्रीलाल, पन्नालाल, देवीलाल, पंकज कुमार गोहाना, दीपक कुमार, राजू कुमार गोरमात, कन्नू लाल महर, खुमानलाल गोहाना, भोलाराम, संयोजक अंबालाल, शंकरलाल, नवयुवक मंडल अध्यक्ष राजूभाई गोरमात, विजय कुमार, राकेश कविया मौजूद थे।