
राजसमंद झील में पड़ी मालाएं एवं कचरा।
राजसमंद. शहर सहित आस-पास के क्षेत्रों में गुरुवार को अनंत चतुर्दशी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। घरों एवं पांडाल में विराजित गणपतियों का विसर्जन भी किया गया, लेकिन कुछ लोगों ने पूजन सामग्री को झील में डाल दिया। इससे झील के पानी की सतह पर असंख्य मालाएं और नारियल तैरते दिखाई दे रहे हैं। झील की सफाई नहीं होने के कारण पहले ही पानी से बदबू आ रही है, ऐसे में और स्थिति विकट हो जाएगी।
नगर परिषद की और गणपति की प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए कुंड बनाया गया था। वहां पर मूर्तियों का विसर्जन किया गया। इसके बावजूद कुछ लोगों ने झील के किनारों पर चोरी-छिपे प्रतिमाओं का विसर्जन किया और पूजन सामग्री जिसमें माला, कुमकुम, नारियल, कपड़े, धूप, अगरबती आदि अन्य सामग्री को झील में डाल दिया गया। इसके कारण शुक्रवार को झील की सतह पर दूर-दूर तक मालाएं और नारियल तैरते दिखाई दे रहे हैं। राजसमंद झील में पानी के साथ बहकर आई गंदगी की अब तक सफाई नहीं हुई है। सफाई के अभाव में पानी बदबू मारने लग गया है। ऐसे में झील में डाली गई मालाएं, नारियल और पूजन सामग्री आदि से झील और दूषित होगी और जलीय जीव जंतुओं के लिए भी नुकसान देय होगी।
काई के कारण हरा हो गया पानी
राजमसंद झील का पानी काई के कारण पहले ही हरा हो गया है। पानी की सतह पर काई साफ दिखाई देने लगी है। झील के किनारों पर गंदगी एकत्र हो गई है। इसके कारण अब झील के पानी से बदबू आने लगी है। नगर परिषद की ओर से भी अब तक झील की सफाई शुरू नहीं की गई है। स्थिति यह है कि झील में लगे फ्लोटिंग फव्वारे कई वर्षो से बंद होने के कारण इसकी मोटर आदि तक चोरी हो गई है। सफाई का टेण्डर भी अब तक नहीं हो पाया है।
यह श्रद्धा नहीं है अपमान
भारतीय संस्कृति में जल को देवता माना जाता है। इसमें किसी प्रकार की सामग्री डालना आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दृष्टि से अनुसूचित है। सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का भी खुला उल्लघन है। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही नगर परिषद और सिंचाई विभाग को संयुक्त कार्रवाई कर इसकी सफाई करानी चाहिए।
- दिनेश श्रीमाली, संयोजक झील बचाओ अभियान
जनता समझे जल की महत्ता
शहरवासियों को जल की महत्ता समझनी चाहिए। राजसमंद झील के पानी में किसी प्रकार की गंदगी नहीं की जानी चाहिए। झील में जो गंदगी है उसकी नगर परिषद को तुरंत सफाई कराई जानी चाहिए, जिससे झील की सुंदरता बनी रहे।
- सम्पत लड्ढ़ा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, लोक अधिकार मंच
Published on:
30 Sept 2023 01:00 pm
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