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अब्दुल्ला आजम दो बार स्वार से जीते चुनाव, दोनों बार रद्द हो गई विधायकी

अब्दुल्ला आजम की 11 महीने में ही दूसरी बार विधायकी रद्द हो गई। बुधवार को विधानसभा सचिवालय से लेटर जारी हुआ है। स्वार विधानसभा सीट को खाली घोषित कर दिया गया है।

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अब्दुल्ला आजम दो बार स्वार से चुनाव जीते, लेकिन एक बार भी कार्यकाल नहीं पूरा कर पाए। अब्दुल्ला आजम 2017 में पहली बार स्वार से विधायक बने। कम उम्र होने की वजह से 2 साल 9 महीने में ही उनकी सदस्‍यता रद्द हो गई। दूसरी बार 2022 में फिर से स्वार से विधायक बने, लेकिन दूसरी बार भी कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए। 15 साल पुराने केस में 2 साल की सजा हुई। मात्र 11 महीने में ही दूसरी बार भी उनकी विधायकी चली गई।

2017 में अब्दुल्ला आजम पहली बार लड़े थे चुनाव
2017 में हुए यूपी विधानसभा चुनाव में सपा नेता आजम खां ने अपने छोटे बेटे अब्दुल्ला आजम को पॉलिटिक्स में लॉन्च किया। अब्दुल्ला आजम खां को स्वार विधानसभा क्षेत्र से सपा का टिकट दिलाया। अब्दुल्ला चुनाव जीत गए। अब्दुल्ला आजम को 1 लाख 6 हजार 4 सौ 43 वोट मिले। दूसरे नंबर पर भाजपा के प्रत्‍याशी लक्ष्मी सैनी थे। लक्ष्मी सैनी को 53 हजार 3 सौ 47 वोट मिले थे।

16 दिसंबर को हाईकोर्ट ने विधानसभा सदस्यता अवैध घोषित कर दिया
बसपा प्रत्याशी नवाब काजिम अली खां ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस चुनाव को चुनौती दी। आरोप था कि अब्दुल्ला ने कम उम्र में ही चुनाव जीता है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 16 दिसंबर 2019 को अब्दुल्ला आजम की सदस्यता को अवैध घोषित कर दिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के ‌खिलाफ अब्दुल्ला आजम सुप्रीम कोर्ट गए। सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर 2022 को अपना फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा।

2022 में दूसरी बार विधायक बने अब्दुल्ला आजम
2022 में सपा के टिकट पर स्वार से अब्दुल्ला आजम ने दोबारा चुनाव लड़ा। उन्होंने दूसरी बार 61 हजार से ज्यादा वोटो से अपना दल एस के प्रत्याशी हैदर अली को हराया। अब्दुल्ला आजम को 1 लाख 26 हजार 162 वोट मिले। हैदर अली को 65 हजार 59 ही वोट मिले। इस बार 11 महीने में ही उनकी विधायकी चली गई। वजह यह रही कि उन्हें 13 फरवरी को मुरादाबाद की MP-MLA कोर्ट ने एक मामले में दो साल की सजा सुनाई।

अब्दुल्ला पर केस क्या है?
साल 2008: आजम खान और अब्दुल्ला आजम मुजफ्फरनगर के सपा नेता अमीर आलम खां के घर जा रहे थे। पुलिस मुरादाबाद के छजलैट में आजम की कार रुकवाकर तलाशी लेने लगी। पुलिस को जूती की नोक पर रखने के बयान देने वाले आजम खान हर्ट हो गए।

बेटे अब्दुल्ला आजम समेत उसी जगह पर धरने पर बैठ गए। इसकी जानकारी होते ही आसपास जिलों से भी सपा कार्यकर्ता पहुंच गए और हंगामा किया।

मामले में छजलैट के तब‌ के थाना प्रभारी आसिफ अली ने 9 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया था। मुरादाबाद MP-MLA कोर्ट में इस केस की सुनवाई चल रही थी। इसमें कोर्ट ने आजम खान और विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम को सजा सुनाई है।