
रामपुर. मुश्किलों में फंसे समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता अब रामपुर में भी नजर नहीं आ रहे हैं। यही वजह है कि सांसद आजम खान पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। बता दें कि यह इनाम योगी सरकार या प्रशासन की तरफ से नहीं, बल्कि रामपुर के एक मौलाना बाबू अली ने रखा है।
मौलाना ने इनाम की घोषणा करते हुए आजम खान पर आरोप लगाते हुए कहा है कि सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री के पद पर रहते हुए आजम ने उनके मदरसे को गिरा दिया था। इसके बाद उन्हें तीन दिन जेल में रखते हुए प्रताड़ित किया गया।
जौहर यूनिवर्सिटी के नाम पर जमीन कब्जाने के आरोप में आजम खान के खिलाफ जहां किसानों ने 83 मुकदमे दर्ज करा दिए हैं। वहीं अब एक अन्य पीड़ित भी सामने आया है। रामपुर के मोहल्ला मदरसा कोहना निवासी इस पीड़ित का नाम मौलाना बाबू अली है। मौलाना बाबू अली ने घोषणा की है कि आजम खान का पता बताने वाले को पचास हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। मौलाना ने कहा है कि आजम खान का पता बताने वाले को 25 हजार और उन्हें गिरफ्तार करने वाली पुलिस वह 25 हजार रुपये देंगे।
उन्होंने कहा है कि देश के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी सांसद के खिलाफ 83 मुकदमे दर्ज हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है। मौलाना ने कहा कि सपा के शासन में आजम खान ने रमजान के महीने में हमारे जामिया सादिया मदरसे को धवस्त कर दिया था। इसके बाद मुझे जेल में बंद कर दिया गया। जहां मुझे प्रताड़ना दी गई।
मौलाना ने कहा उस दौरान उन्होंने जेलर से कहा था कि इससे घास व नालियां साफ कराओ। इसलिए मैंने आजम खान पर इनाम की घोषणा की है, क्योंकि आज तक किसी सांसद खिलाफ इतने केस दर्ज नहीं हुए हैं।
Updated on:
22 Sept 2019 04:47 pm
Published on:
22 Sept 2019 04:24 pm
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