
रामपुर जेल में आजम खान से परिवार ने की खामोश मुलाकात | Image - Fb/@AbdullahAzamKhan
Azam abdullah family meeting rampur jail: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम खान से मिलने के लिए मंगलवार को उनके परिवार के सदस्य रामपुर जिला कारागार पहुंचे। आजम खान की पत्नी और बड़े बेटे अदीब आजम ने जेल में करीब एक घंटे तक दोनों से मुलाकात की। इस मुलाकात को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि परिवार लंबे समय से लगातार जेल में बंद नेताओं से संपर्क बनाए हुए है।
मुलाकात समाप्त होने के बाद जब तंजीन फातिमा और अदीब आजम जेल परिसर से बाहर निकले, तो उन्होंने मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। पत्रकारों द्वारा लगातार सवाल पूछे जाने के बावजूद उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। आमतौर पर पिछली मुलाकातों के दौरान तंजीन फातिमा जेल से बाहर आकर प्रशासन और सुविधाओं को लेकर बयान देती रही हैं, लेकिन इस बार उनका यह शांत रवैया राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
सूत्रों के अनुसार, अदीब आजम की कार जेल के मुख्य द्वार के सामने पहले से खड़ी रही और वह तब तक वहीं रुकी रही जब तक तंजीन फातिमा और अदीब आजम बाहर नहीं आ गए। जेल से बाहर निकलते ही दोनों बिना किसी देरी के सीधे गाड़ी में बैठ गए और बिना रुके अपने आवास के लिए रवाना हो गए। पूरे घटनाक्रम के दौरान उन्होंने किसी समर्थक या कार्यकर्ता से भी बातचीत नहीं की।
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम खान 17 नवंबर 2025 से रामपुर जिला कारागार में बंद हैं। एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोनों को दो अलग-अलग पैन कार्ड मामलों में दोषी ठहराते हुए सात-सात वर्ष की सजा सुनाई थी। साथ ही दोनों पर पचास-पचास हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। इस फैसले के बाद से दोनों नेता लगातार जेल में हैं और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
पिछली कई मुलाकातों में तंजीन फातिमा ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि आजम खान की उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें जरूरी चिकित्सा सुविधाएं और अन्य व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। इन आरोपों के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर कई बार सवाल उठे थे और विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा था।
इस बार मुलाकात के बाद न तो किसी सुविधा की कमी का जिक्र किया गया और न ही किसी प्रकार की परेशानी सामने आई। परिवार की इस अचानक बदली रणनीति ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। जानकार मान रहे हैं कि यह चुप्पी किसी नई राजनीतिक या कानूनी रणनीति का हिस्सा हो सकती है। हालांकि परिवार या पार्टी की ओर से अभी तक इस बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
Published on:
10 Feb 2026 08:22 pm
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