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केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों के टीए-डीए काटने के फैसले के बाद निशाने पर आई मोदी-योगी सरकार

कांग्रेस की पूर्व सांसद बेगम नूर बानों ने सरकार के फैसले को बताया गलत

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रामपुर. केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों के टीए-डीए काटने (TA-DA Cut) के सरकारी फैसले ने देश में सियासी घमाषान मचा दिया है। सरकार के इस फैसले के खिलाफ रामपुर से कांग्रेस की पूर्व सांसद बेगम नूरबानों ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि देश के फिलहाल नए संसद भवन बनाने और बुलेट ट्रेन की जरूरत नहीं है। सरकार को चाहिए कि बड़े प्रोजेक्ट को रोके, न कि कर्मचारियों के पैसे से लोगों को भरपेट भोजन उपलब्ध कराएं।

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केन्द्रीय और राज्य सरकार के कर्मचारियों का वेतन काटने के फैसले के बाद पत्रिका संवाददाता से खास बातचीत में रामपुर से कांग्रेस की पूर्व सांसद बेगम नूर बानों ने कहा कि मेरे ख्याल से यह सरकार का बहुत गलत फैसला है, जो लोग अपने बीवी बच्चों को छोड़कर 24 घंटे सड़क पर पड़े हैं। अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। देश की सेवा कर रहे हैं, उनका टीए-डीए काटने से किसको रोटी मिल जाएगी, किसका भला हो जाएगा? उन्होंने कहा कि यह मैं नहीं मानती कि इससे कोई देश का बहुत बड़ा भला होने वाला है, क्योंकि यह पैसा उन लोगों के लिए बहुत मायने रखता है, जिनका यह पैसा है। उनके पास नौकरी के सिवा और कुछ नहीं है। नौकरी के पाई-पाई के पैसे को जोड़कर अपने परिवारों की जीविका को चलाते हैं, लेकिन अब इस लॉकडाउन में उनके पैसे को रोकना बहुत गलत बात है।

बेगम नूरबानो ने आगे कहा कि भारत में बहुत बड़े-बड़े प्रोजेक्ट हैं। अरबों-खरबों रूपए के इन प्रोजेक्ट को रोक देना चाहिए। सबसे पहले देश जरूरी है। देश के लोगों की जरूरतें जरूरी हैं न कि देश में बन्ने वाले बड़े प्रोजेक्ट। अभी देश में किसी भी बुलेट ट्रेन की जरूरत नहीं है। नए संसद भवन की अभी जरूरत नहीं है। अभी जरूरत देश में रह रहे लोगों की जिंदगियों को बचाने की है। उनकी जिंदगी को बचाने के लिए उनका पेट भर भोजन कराने के लिए सरकार को ऐसे कदम उठाने चाहिए न कि सरकार में रह रहे राज्य कर्मचारियों का डीए-डीए काटकर दूसरे लोगों का पेट भराने की। यह जो सरकार कर रही है यह अच्छी बात नहीं है। इससे कर्मचारियों हौसला टूटेगा। उन्होंने सवाल उठाया है कि अभी क्या जरूरत पड़ी है संसद भवन बनाने की। पुरानी चीज को तोड़कर नई चीज बना रहे हैं। बेगम नूरबानो ने आगे कहा कि पूरे संसार में लोगों को बचाने की जद्दोजहद की जा रही है और अब यह सरकार उन लोगों का टीए-डीए काट रही है। यह वक्त तो उन्हें इनाम देने का है, लेकिन यह सरकार इन लोगों को किसी बात की सजा दे रही है।

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बेगम नूरबानो साहिबा ने जिले के कलेक्टर की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि जिले के डीएम बहुत अच्छे हैं । उनको जो भी अच्छा लगता है रामपुर के लिए करते हैं। चौबीसों घंटे जिले में अच्छे से काम कर रहे हैं। मेरे पास भी लोगों के फोन कॉल आते हैं। मेरा हालचाल पूछते हैं। अपने हाल के बारे में बताते हैं, जिसको जो जरूरत की चीजें लेनी होती है। उनकी जरूरत की चीजें भी हम अपने घरों में बंद रहकर पूरा करवा रहे हैं। मेरा जी तो चाहता है कि बाहर जाऊं, लेकिन मुझे लॉकडॉउन का पालन करना है। मुझे घर से बाहर नहीं जाना है। यही वजह है कि मैं कभी घर से बाहर नहीं निकली। मैं अपने घर में हूं और घर में रहकर ही दूसरों की मदद कर रही हूं। आप लोगों से भी मेरी अपील है घर में रहें, जितना भी हो घर में रहकर ही एक दूसरे की मदद करें और खुद सुरक्षित रहें।

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