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UP में फर्जी करेंसी सिंडिकेट पर बड़ी कार्रवाई: लैपटॉप-प्रिंटर से छप रहे थे नोट, दो मास्टरमाइंड अरेस्ट

UP Crime News: यूपी की रामपुर पुलिस ने नकली नोट बनाने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मेरठ और एटा से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

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UP में फर्जी करेंसी सिंडिकेट पर बड़ी कार्रवाई..

Fake Currency Gang UP: रामपुर पुलिस ने एक बड़े और संगठित नकली नोट गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पूरे नेटवर्क को बेनकाब कर दिया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मेरठ और एटा से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 4 लाख 88 हजार 200 रुपये की नकली करेंसी बरामद हुई है, जिसमें 500 और 200 रुपये के नोट शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और विभिन्न जिलों में नकली नोट खपाने का काम कर रहा था।

गिरफ्तार आरोपी

पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना ने रिजर्व पुलिस लाइन में पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजवर्धन सिंह चौहान उर्फ आशु और चिराग सक्सेना के रूप में हुई है। राजवर्धन को मेरठ से और चिराग को रामपुर से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी एटा जिले के रहने वाले हैं और आपस में मिलकर इस फर्जी नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, दोनों ही आरोपी लंबे समय से इस अवैध गतिविधि में शामिल थे।

पहली गिरफ्तारी से खुला राज

इस पूरे गिरोह का सुराग 11 अप्रैल 2026 को कोतवाली गंज पुलिस द्वारा की गई एक कार्रवाई से मिला था। उस दौरान रामपुर के दो युवकों, सिनवान और मिनहाज को 500 रुपये के 21 नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ और आगे की जांच में इन दोनों आरोपियों के जरिए राजवर्धन और चिराग के नाम सामने आए। इसके बाद पुलिस ने गहन जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस बड़े नेटवर्क तक पहुंच बनाई।

मेरठ में किराए के मकान से चल रही थी नकली नोट फैक्ट्री

जांच में सामने आया कि राजवर्धन सिंह चौहान मेरठ में किराए के मकान में रहकर नकली नोट छापने का काम करता था। वहीं से पूरे नेटवर्क को संचालित किया जाता था और तैयार नोटों को विभिन्न जिलों में सप्लाई किया जाता था। पुलिस को मौके से बड़ी संख्या में तैयार और अधबने नकली नोट भी मिले हैं, जो बाजार में खपाने के लिए तैयार किए जा रहे थे।

हाईटेक उपकरणों से तैयार हो रहे थे असली जैसे नोट

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से डेल कंपनी का लैपटॉप, एक डेस्कटॉप सेट, एचपी के दो प्रिंटर, लेमिनेशन मशीन, पेपर रीम, केमिकल और अन्य प्रिंटिंग उपकरण बरामद किए हैं। इन उपकरणों की मदद से आरोपी नकली नोटों को असली जैसा रूप देने की कोशिश करते थे, जिससे आम लोगों को आसानी से धोखा दिया जा सके। पुलिस अब इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच भी करवा रही है।

आगे की जांच जारी

पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस गिरोह से जुड़े और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है, जिससे पूरे रैकेट का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सकेगा।