
सांसद मौलाना नदवी का बड़ा बयान..
MP Nadvi tribute khamenei Rampur: रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने दिल्ली स्थित ईरान कल्चर हाउस पहुंचकर ईरान के सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की और श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने शोक पुस्तिका में अपने विचार दर्ज किए और ईरान की जनता के प्रति एकजुटता प्रकट की। सांसद ने इसे न केवल ईरान बल्कि वैश्विक राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण बताया। उनके इस कदम को राजनीतिक और कूटनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मीडिया से बातचीत में मौलाना नदवी ने ईरान में हालिया घटनाक्रम और हमलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इन हमलों को इंसानियत के खिलाफ करार देते हुए कहा कि बेगुनाह बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाना किसी भी सभ्य समाज के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने इसे एक सुनियोजित साजिश और प्रोपेगेंडा की संज्ञा दी और कहा कि वैश्विक शक्तियां अपनी ताकत के दम पर मानवता को कुचलने का प्रयास कर रही हैं, जिसे पूरी दुनिया देख रही है।
मौलाना नदवी ने भारत और ईरान के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक, सामाजिक और व्यापारिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते सिर्फ कूटनीतिक नहीं बल्कि ऐतिहासिक और भावनात्मक भी हैं। उन्होंने कहा कि कठिन समय में इन रिश्तों की गरिमा बनाए रखना और संवेदनशीलता के साथ संतुलित रुख अपनाना आवश्यक है। सांसद ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की विदेश नीति हमेशा शांति, संतुलन और संवाद पर आधारित रही है।
सांसद नदवी ने अमेरिका और इज़राइल की नीतियों की आलोचना करते हुए उन्हें मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय कानून के विरुद्ध बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी देश को अपनी शक्ति के बल पर दूसरे राष्ट्र की संप्रभुता को चुनौती देने का अधिकार नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी न्याय, सामाजिक समानता और शांति की पक्षधर रही है। उन्होंने बताया कि वे पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशानुसार समर्थन दर्ज कराने के लिए ईरान कल्चर हाउस पहुंचे थे।
अपने संबोधन में मौलाना नदवी ने कहा कि इतिहास इस बात का गवाह है कि जिन राष्ट्रों को दबाने या तोड़ने की कोशिश की जाती है, वे और अधिक मजबूती के साथ उभरकर सामने आते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि ईरान की जनता भी इस कठिन दौर से धैर्य और साहस के साथ बाहर निकलेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी संकट का समाधान युद्ध नहीं, बल्कि संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है।
अंत में सांसद ने वैश्विक शांति की अपील करते हुए कहा कि दुनिया को ताकत की राजनीति छोड़कर न्याय और संवाद के रास्ते पर चलना चाहिए। उन्होंने सभी देशों से संयम बरतने और मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
Published on:
04 Mar 2026 10:08 pm
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