
रामपुर में आधी रात का तूफान बना आफत | AI Generated Image
Rampur News Today: रामपुर में शुक्रवार और शनिवार की मध्य रात्रि करीब 12 बजे आई तेज आंधी ने पूरे जिले में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने शहर से लेकर गांव तक तबाही मचा दी। तेज झोंकों के कारण बड़ी संख्या में पेड़ उखड़ गए और बिजली के पोल गिर गए, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। लोग रातभर दहशत और अंधेरे के बीच गुजरने को मजबूर रहे।
आंधी के बाद शहर के कुछ हिस्सों में ही बिजली आपूर्ति चालू रह सकी, जबकि अधिकांश शहरी इलाके पूरी तरह अंधेरे में डूब गए। ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है, जहां कई जगहों पर बिजली की लाइनें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इससे हजारों उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है।
आंधी का असर प्रशासनिक क्षेत्रों में भी साफ तौर पर देखा गया। जिलाधिकारी कार्यालय के सामने कई पेड़ गिर गए, जिससे परिसर में खड़ी एक कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं पुलिस अधीक्षक आवास के सामने भी पेड़ गिरने से बाउंड्री वॉल को नुकसान पहुंचा। कलेक्ट्रेट के पास स्थित चौराहे पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया, जिसे वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हटाया।
रामनाथ कॉलोनी में करीब 20 वर्ष पुराना एक विशाल पेड़ 11000 वोल्ट की बिजली लाइन पर गिर गया, जिससे पूरे इलाके की विद्युत आपूर्ति अचानक ठप हो गई। इससे स्थानीय निवासियों को रातभर अंधेरे में रहना पड़ा। कई घरों में इनवर्टर और बैकअप भी जवाब दे गए, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं।
विद्युत विभाग की टीमें रात से ही लगातार पेट्रोलिंग और मरम्मत कार्य में लगी हुई हैं। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, क्षतिग्रस्त लाइनों और टूटे पोलों को तेजी से ठीक किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि शहर के अधिकांश हिस्सों में बिजली आपूर्ति आज शाम तक बहाल कर दी जाएगी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति सामान्य होने में देर रात या अगले दिन तक का समय लग सकता है।
बिजली संकट का असर जलापूर्ति पर भी साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। सिविल लाइंस क्षेत्र में बिजली घर संख्या 270 से जुड़े दो फीडर बंद होने के कारण पानी की सप्लाई बाधित हो गई है। उपभोक्ता ने बताया कि पानी न मिलने से दैनिक जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है।
नगर पालिका जल विभाग के जेई मूलचंद ने बताया कि सीमित जनरेटर और कम प्रेशर की वजह से पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि 58 पंपों के मुकाबले केवल 17 जनरेटर उपलब्ध हैं, जिससे पानी का दबाव कम हो जाता है और सप्लाई प्रभावित होती है। विभाग लगातार स्थिति को सुधारने की कोशिश में जुटा है, लेकिन संसाधनों की कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
Updated on:
18 Apr 2026 11:29 am
Published on:
18 Apr 2026 11:28 am
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