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Suar By Election: स्वार विधानसभा सीट का पूरा इतिहास-भूगोल, जहां आज हो रही है वोटिंग

Suar By Election 2023: स्वार सीट पर अब्दुल्ला की सदस्यता रद्द होने की वजह से चुनाव हो रहा है।

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स्वार से 2 बार विधायक रहे अब्दुल्ला(बायें) और तीन बार MLA रहे काजिम अली खान(दायें)

Suar By Election 2023: रामपुर जिले की स्वार विधानसभा सीट पर आज उपचुनाव हो रहा है। स्वार सीट पर छह उम्मीदवार मैदान में हैं। जिनका किस्मत का फैसला आज EVM में बंद हो जाएगा। स्वार सीट मुस्लिम बाहुल्य सीट है, जो उत्तराखंड से सटी हुई है। इस सीट पर 1957 से हो रहे चुनाव में लंबे समय तक कांग्रेस और भाजपा का कब्जा रहा। बीते दो चुनाव से यहां पासा पलट गया।

स्वार विधानसभा सीट पर 1957 में पहली बार चुनाव हुए थे। इस चुनाव में कांग्रेस के महमूद खान विधायक बने। 1962 में उन्होंने फिर से जीत हासिल की। 1967 में स्वतंत्र पार्टी के एम हुसैन ने जीत हासिल करते हुए कांग्रेस का विजय रथ यहां रोक दिया।


1969 में जीता था जनसंघ
1969 में इस सीट पर भारतीय जनसंघ का खाता खुला और राजेंद्र कुमार शर्मा MLA बने। 1974 और 1977 में एक बार फिर कांग्रेस यहां से जीती। 1980 में भाजपा के बलबीर सिंह ने यहां से विजय हासिल की। 1985 में कांग्रेस के निसार हुसैन यहां से विधायक हो गए।

शिव बहादुर ने जीते लगातार 4 चुनाव
स्वार सीट पर भाजपा के शिव बहादुर सक्सेना ने 1989 से 1996 तक लगातार चार बार चुनाव जीता। उनकी जीत का सिलसिला रुका 2002 में। 2002 में स्वार से कांग्रेस के टिकट पर नवाब खानदान के काजिम अली खान जीते। काजिम ने 2002 के बाद 2007 और 2012 में जीतकर यहां से हैट्रिक बनाई।

अब्दुल्ला 2017 में जीते
अबदुल्ला आजम ने 2017 में स्वार से जीत हासिल की। समाजवादी पार्टी के टिकट अब्दुल्ला ने 2022 में भी बड़ी जीत हासिल की। अब्दुल्ला के विधायकी का एक साल पूरा करने से पहले ही उनको सजा हो गई। इसके बाद उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई। जिसके बाद इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है।


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