22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rampur District Jail: जेल में कैदियों को सुधारने की अनोखी पहल, महापुरुषों के विचारों से सजी जेल की दीवारें

Rampur News: यूपी के रामपुर जिला कारागार की अनोखी पहल की गई है। कैदियों में सुधार लाने के लिए अब जेल की दीवारों पर महापुरुषों के विचारों को पेंटिंग के जरिए दर्शाया गया है।

2 min read
Google source verification
unique-initiative-to-reform-prisoners-in-rampur-district-jail.jpg

Rampur District Jail

Rampur District Jail News: आपको बताते चलें कि उत्तर प्रदेश के रामपुर जिला कारागार (Rampur District Jail) की अनोखी पहल की गई है। कैदियों में सुधार लाने के लिए अब जेल की दीवारों पर महापुरुषों के विचारों को पेंटिंग के जरिए दर्शाया गया है। जिससे कैदियों की जिंदगी में बदलाव लाया जा सके और वह एक अच्छा और एक सामाजिक व्यक्ति बनकर अच्छे समाज का हिस्सा बन सके। जेल प्रशासन का मानना है कि महापुरुषों के विचारों को दीवारों पर देखेंगे, तो कैदी की जिंदगी में बदलाव आना निश्चित है।

दरअसल, जेल की दीवारों पर इस तरह के स्लोगन लिखे हुए हैं- माता-पिता गुरु और अतिथि का आदर सम्मान करना चाहिए। दूसरों की अच्छाइयों को ग्रहण करो, बुराइयों को नहीं। प्रत्येक कार्य को सोच समझकर करना चाहिए, नहीं तो बाद में पछताना पड़ता है। इस तरह के बहुत से स्लोगन हैं, जो जेल की दीवारों पर लिखे हुए हैं।

जेल अधीक्षक ने कही ये बात
जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य ने बताया, जेल की दीवारों पर यह स्लोगन और यह पेंटिंग बनाई गई हैं। यह कई चीजों को ध्यान में रखते हुए। बहुत सारी चीजों पर सोच-विचार करने के बाद उनका चयन करके इनको दीवार पर लिखा गया है। लिखने का उद्देश्य यह है कि जब कोई बंदी उसके सामने से गुजरे, तो उसकी नजरें उस पर पड़े और उससे कैदी कनेक्ट हो।

यह भी पढ़ें:प्रियंका के ससुराल पहुंची राहुल की न्याय यात्रा, पहली बार राहुल-प्रियंका दिखेंगे साथ

अभी और पेंटिंग बनाने की योजनाएं हैं
साथ ही जितना समय वह कारागार में रहे, तो वह यहां सही ढंग से रहने का प्रयास करें। बाहर जाकर अपना पुनः समाज की ओर और अपने परिवार की मुख्यधारा में शामिल हो। इस तरह और विषयों का चयन हम करते हैं। हमारे जितने अधिकारी गण हैं, वह लोग भी सुझाव देते रहते हैं। अभी और पेंटिंग बनाने की योजनाएं हैं। हम धीरे-धीरे इसमें आगे बढ़ रहे हैं।