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मन की बात’ के 23 करोड़ नियमित श्रोता; 96 प्रतिशत जनता लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम से परिचित

यह कार्यक्रम 100 करोड़ लोगों तक पहुंच गया 23 करोड़ लोग नियमित रूप से इस कार्यक्रम को सुनते हैं

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मन की बात’ के 23 करोड़ नियमित श्रोता; 96 प्रतिशत जनता लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम से परिचित

मन की बात’ के 23 करोड़ नियमित श्रोता; 96 प्रतिशत जनता लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम से परिचित

रांची. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ से लगभग छियानवे प्रतिशत जनता परिचित है। यह कार्यक्रम 100 करोड़ लोगों तक पहुंच गया है जो जागरूक हैं और कम से कम एक बार इस कार्यक्रम को सुन चुके हैं। ये आंकड़े प्रसार भारती द्वारा कराए गए और भारतीय प्रबंधन संस्थान, रोहतक द्वारा किए गए एक विस्तृत अध्ययन में सामने आए। इस अध्ययन के निष्कर्षों को प्रसार भारती के सीईओ गौरव द्विवेदी और आईआईएम रोहतक के निदेशक धीरज पी. शर्मा ने एक संवाददाता सम्मेलन में सामने रखा।

इस अध्ययन के निष्कर्षों के बारे में जानकारी देते हुए, शर्मा ने कहा कि 23 करोड़ लोग नियमित रूप से इस कार्यक्रम को सुनते हैं जबकि 41 करोड़ अन्य लोग बीच-बीच में इस कार्यक्रम सुनते रहते हैं जिनके इस कार्यक्रम के नियमित श्रोता बनने की पर्याप्त संभावना है।रेडियो प्रसारण की लोकप्रियता

यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री के इस रेडियो प्रसारण की लोकप्रियता के पीछे के कारणों की पड़ताल करती है और उन सबसे पसंदीदा विशेषताओं को सूचीबद्ध करती है जो लोगों को इस प्रसारण से जोड़ती हैं। एक शक्तिशाली और निर्णायक नेतृत्व द्वारा श्रोताओं के साथ एक भावनात्मक जुड़ाव बनाने के इरादे से बोलने को इस कार्यक्रम से जुड़ने के कारण के रूप में चिन्हित किया गया है। इस देश की जनता ने प्रधानमंत्री को एक ज्ञानी और सहानुभूतिपूर्ण एवं संवेदनशील दृष्टिकोण रखने वाले नेता होने का श्रेय दिया है। नागरिकों के साथ सीधे जुड़ाव और मार्गदर्शन को भी इस कार्यक्रम द्वारा स्थापित किए गए भरोसे के कारण के रूप में चिन्हित किया गया है।

22 भारतीय भाषा, 29 बोलियों और 11 विदेशी भाषा में प्रसारित

गौरव द्विवेदी ने श्रोताओं को बताया कि 22 भारतीय भाषाओं और 29 बोलियों के अलावा, ‘मन की बात’ अंग्रेजी के साथ ही 11 विदेशी भाषाओं में प्रसारित किया जाता है, जिनमें फ्रेंच, चीनी, इंडोनेशियाई, तिब्बती, बर्मी, बलूची, अरबी, पश्तू, फारसी, दरी और स्वाहिली शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आकाशवाणी के 500 से अधिक प्रसारण केंद्रों द्वारा ‘मन की बात’ का प्रसारण किया जा रहा है।

30 मिनिट का लोकप्रिय कार्यक्रम

आकाशवाणी पर लोकप्रिय कार्यक्रम, प्रधान मंत्री के मन की बात 3 अक्टूबर, 2014 को शुरू किया गया था और हर महीने के आखिरी रविवार को सुबह 11 बजे पूरे आकाशवाणी और डीडी नेटवर्क पर प्रसारित किया जाता है। 30 मिनट का यह कार्यक्रम 30 अप्रैल 2023 को 100 एपिसोड पूरे कर रहा है। मन की बात का आकाशवाणी द्वारा अंग्रेजी के अलावा 22 भारतीय भाषाओं, 29 बोलियों और 11 विदेशी भाषाओं में अनुवाद किया गया है। इसमें हिंदी, संस्कृत, पंजाबी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मराठी, गुजराती, मलयालम, उड़िया, कोंकणी, नेपाली, कश्मीरी, डोगरी, मणिपुरी, मैथिली, बंगाली, असमिया, बोडो, संथाली, उर्दू, सिंधी शामिल हैं। बोलियों में छत्तीसगढ़ी, गोंडी, हल्बी, सरगुजिया, पहाड़ी, शीना, गोजरी, बाल्ती, लद्दाखी, कार्बी, खासी, जयंतिया, गारो, नगामीस, हमर, पैते, थडौ, कबुई, माओ, तांगखुल, न्याशी, आदि, मोनपा, आओ , अंगामी, कोकबोरोक, मिज़ो, लेप्चा, सिक्किमी (भूटिया)शामिल हैं।