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रिम्स छोड़ कर बाहर ड्यूटी करने वाले डॉक्टर नौकरी छोड़ देः सीएम

पढ़े-लिखे डॉक्टर समाज को धोखा न दें, सरकार उन्हें इतना पैसा देती है कि वे अच्छे से रह सकते है और अपने बच्चों को अच्छी तरह से पढ़ा सकते है

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jharkhand cm

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(झारखंड ब्‍यूरो)

रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान चिकित्सा संस्थान (रिम्स) में कार्यरत डॉक्टर चोरी-छिपे बाहर ड्यूटी नहीं करें, यदि उन्हें रिम्स से बाहर ही मरीजों की जांच करनी है, तो वे नौकरी छोड़ दें। उन्होंने कहा कि पढ़े-लिखे डॉक्टर समाज को धोखा न दें, सरकार उन्हें इतना पैसा देती है कि वे अच्छे से रह सकते है और अपने बच्चों को अच्छी तरह से पढ़ा सकते है।यदि उन्हें और पैसे की जरुरत है, तो सरकार से मांगें, लेकिन इस तरह से अनैतिक काम न करें। मुख्यमंत्री आज रिम्स में मिजिल्स रुबेला टीकाकरण अभियान की शुरुआत के मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री पेईंग गेस्ट हाउस भवन का भी उदघाटन किया।

रिम्स में हड़ताल की इजाजत किसी को नहीं

मुख्यमंत्री ने रिम्स के आसपास कार्यरत निजी चिकित्सीय संस्थानों की जांच कराने की बात की। उन्होंने कहा कि वे खुद भी ये अंडरग्राउंड चेकिंग करा रहे है कि रिम्स में ड्यूटी के समय काम छोड़ कर कौन चिकित्सक बाहर जाकर प्राइवेट अस्पताल और नर्सिंग होम में मरीजों का इलाज कर रहा है। उन्होंने पिछले दिनों रिम्स में हड़ताल की घटना को दुःखद बताते हुए कहा कि अब रिम्स में कोई हड़ताल नहीं होगी। रिम्स में हड़ताल की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती, यदि किसी को कुछ कहना है, तो निदेशक और सरकार के समक्ष अपनी बातों को रखें, सरकार उनकी
समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रयास करेगी।उन्होंने यह भी कहा कि विदेशों में हड़ताल होती है, तो उत्पादन एक टन से बढ़ाकर तीन टन कर दिया जाता है।

मरीज के साथ अच्छा व्यवहार होना चाहिए

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टर अच्छा व्यवहार करें, तो अस्पताल आने वाले मरीज की आधी बीमारी स्वतः ही ठीक हो जाएगी,क्योंकि कोई भी परेशान मरीज ही अस्पताल आता है, उनके साथ अच्छा व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी कभी गलत ट्रीटमेंट नहीं करता है, लेकिन मरीज के परिजन मौत हो जाने पर आक्रोशित हो जाते है, अस्पताल में दंगा-फसाद नहीं होना चाहिए, किसी को गुंडागर्दी की छूट नहीं मिलेगी। रिम्स में भी एम्स की तर्ज पर सुविधाएं विकसित की जाएगी।

1.17 करोड़ बच्चों को टीके लगाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने मिजिल्स रुबेला टीकाकरण अभियान में अच्छा करने वाले पांच एएनएम, पांच सहिया और पांच स्कूलां को सम्मानित करने की घोषणा करते हुए कहा कि टीकाकरण अभियान को लेकर जागरुकता के साथ-साथ ही प्रतिस्पर्द्धा का माहौल रहना चाहिए, ताकि एक समय सीमा के अंदर सभी बच्चों का टीकाकरण संभव हो सके। इस मौके
पर स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि आज से रिम्स में पेईंग गेस्ट वार्ड की भी सुविधा उपलब्ध हो गयी है। यहां 24 घंटे लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध रहेगी, पेईंग वार्ड के लिए 1000 रुपये का भुगतान करना होगा। उन्होंने बताया कि मिजिल्स रुबेला अभियान के लिए 1.17करोड़ बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। समारोह को स्वास्थ्य सचिव समेत अन्य अधिकारियों ने भी संबोधित किया।

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