रांची। बिहार से अलग होने के करीब 15 साल बाद आखिरकार झारखंड को अपने शेष नक्शे मिल जाएंगे। अंतत: बिहार सरकार झारखंड का कैडस्ट्रल मैप (भू-कर मानचित्र) देने के लिए राजी हो गई है। इसके साथ ही राष्ट्रीय भूमि अभिलेख योजना के तहत नक्शों के डिजिटलाइजेशन का काम भी शुरू हो जाएगा।
झारखंड से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के दो अधिकारी, रांची के बंदोबस्त पदाधिकारी सीके मंडल और विभाग के उप निदेशक नवीन सुवर्णों नक्शा लेने के लिए पटना पहुंच गए हैं। दोनों पदाधिकारी पटना के गुलजार बाग स्थित सरकारी प्रेस जाकर नक्शा हासिल करेंगे।
झारखंड सरकार के राजस्व एवं भूमि निदेशक राजीव रंजन ने बिहार के अपने समकक्ष अधिकारी से बात करने के बाद नक्शा लाने के लिए दोनों पदाधाकारियों को भेजा है। बिहार सरकार बिहार से सटे जिलों का नक्शा कुछ समय बाद उपलब्ध कराएगी।
बताया गया है कि झारखंड सरकार ने सीमावर्ती जिलों का भी नक्शा उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। बिहार के पास झारखंड के कुल 82,129 ग्रामीण मानचित्र हैं। झारखंड का भू-नक्शा मिल जाने से राजस्व ग्रामों का सर्वे कार्य शुरू हो जाएगा। इसके अलावा भूमि विवाद नियंत्रित करने में राहत मिलेगी।