
pradeep yadav
रांची,20जुलाई। झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के पांचवे दिन शुक्रवार को झारखंड विकास मोर्चा विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने छह विधायकों के खरीद-फरोख्त मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर कार्यस्थगन प्रस्ताव दिया, जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने अमान्य कर दिया।
झाविमो के प्रदीप यादव ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर कार्यस्थगन प्रस्ताव लाते हुए कहा कि झाविमो के छह विधायकों के दल-बदल का मामला 10वीं अनुसूची का मामला है और स्पीकर के न्यायाधीकरण में विचाराधीन है, उस पर उनका कोई प्रश्न नहीं है। लेकिन पूर्व से ही और हाल के दिनों में 11 करोड़ में छह विधायकों का खरीद-फरोख्त का मामला सार्वजनिक हुआ है, साथ ही पैसे लेन-देन का पत्र राज्य के निर्वाचन आयुक्त के पास 2 सितंबर 2017 को ही पहुंचा था और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने भी 4 अक्टूबर 2017 को लेन-देन से संबंधित पत्र विधानसभा सचिव को भेजा था, जो विधानसभा सचिवालय को 2 अक्टूबर 2017 को ही प्राप्त हो चुका है। नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि यह मामला स्पीकर के न्यायाधीकरण में चल रहा है और स्पीकर ही बता सकते है कि इस मामले में अभी वे और कितनी सुनवाई की तिथि देंगे।
विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने कहा कि परंपरा और विधानसभा कार्य संचालन नियमावली के तहत वैसे विषय को सभा में नहीं उठाया जा सकता, जो किसी अदालत में विचाराधीन है, इसलिए इस कार्यस्थगन को भी अस्वीकृत किया जाता है। प्रदीप यादव ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्होंने दल-बदल मामले को नहीं उठाया, बल्कि खरीद-फरोख्त का जो मामला उजागर हुआ है, उस पर सवाल उठा रहे है।
विधानसभा अध्यक्ष ने झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक कुणाल षाड़ंगी द्वारा गैर मजरूआ जमीन से संबंधित जमीन की लगान रसीद नहीं कटने और कांग्रेस के इरफान अंसारी द्वारा श्रावणी मेला के दौरान पर्याप्त आधारभूत संरचना के अभाव को लेकर कार्यस्थगन प्रस्ताव को भी अमान्य कर दिया।
Published on:
20 Jul 2018 03:21 pm
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