18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

14 वर्ष बाद झारखंड विकास मोर्चा का अस्तित्व होगा समाप्त

झारखंड विकास मोर्चा -प्रजातांत्रिक का 14 वर्ष बाद अस्तित्व समाप्त (JVM will Merge) हो जाएगा। झाविमो के भाजपा में ( BJP ) विलय को लेकर 11 फरवरी को रांची में होने वाली केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक में औपचारिक मुहर लगेगी और 17 फरवरी को रांची में आयोजित होने वाली बड़ी रैली में ( Huge rally ) भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में पूरी पार्टी का औपचारिक विलय हो जाएगा।

2 min read
Google source verification
14 वर्ष बाद झारखंड विकास मोर्चा का अस्तित्व होगा समाप्त

14 वर्ष बाद झारखंड विकास मोर्चा का अस्तित्व होगा समाप्त

रांची(रवि सिन्हा): झारखंड विकास मोर्चा -प्रजातांत्रिक (झाविमो) का 14 वर्ष बाद अस्तित्व समाप्त (JVM will Merge) हो जाएगा। झाविमो के भाजपा में ( BJP ) विलय को लेकर 11 फरवरी को रांची में होने वाली केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक में औपचारिक मुहर लगेगी और 17 फरवरी को रांची में आयोजित होने वाली बड़ी रैली में ( Huge rally ) भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में पूरी पार्टी का औपचारिक विलय हो जाएगा। झाविमो के भाजपा में विलय को लेकर सारी औपचारिकताएं पूरी की जा रही है और भारत निर्वाचन आयोग को भी इसकी सूचना दे दी जाएगी।

मरांडी विलय को अंतिम रूप देने में जुटे
झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी ने सोमवार को नई दिल्ली में भाजपा के आला नेताओं के साथ मुलाकात कर पार्टी के विलय को अंतिम रूप देने में जुटे है, वहीं उनके समर्थक 11 को रांची में होने वाली केंद्रीय कार्यसमिति और 17 फरवरी होने वाले विलय सह मिलन समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप में जुटे है। इससे पहले बाबूलाल मरांडी ने जनवरी महीने में नई केंद्रीय कार्यकारिणी समिति में सिर्फ उन्हीं लोगों को पदाधिकारी बनाया , जो उनके साथ भाजपा में पार्टी के विलय के समर्थक थे, वहीं विरोध करने वाले नेताओं और विधायकों को पहले ही टीम से बाहर रखा गया।

विरोध करने वाले निष्कासित
बाद में अलग-अलग मुद्दों को लेकर झाविमो के दोनों विधायक प्रदीप यादव और बंधु तिर्की को पार्टी से निष्कासित भी किया जा चुका है। वहीं झाविमो में जो मुस्लिम नेता थे, वे सभी भी नये ठिकाने की तलाश में जुट गये है। झाविमो में लबे समय तक केंद्रीय उपाध्यक्ष रहे डॉ. सबा अहमद ने खुलकर बाबूलाल मरांडी की आलोचना की और उन पर ठगने और छलने का आरोप लगाया है। झाविमो के दोनों निष्कासित विधायक प्रदीप यादव और बंधु तिर्की ने कांग्रेस में शामिल होने की बात की है। बाबूलाल मरांडी ने वर्ष 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और भाजपा नेतृत्व से नाराज होकर बाबूलाल मरांडी ने पार्टी छोड़ दी थी और बाद में झाविमो का गठन किया और अब करीब 14 साल बाद उनकी घर वापसी हो रही है।