
नीलकंठ सिंह मुंडा
(पत्रिका ब्यूरो,रांची): झारखंड विधानसभा में संसदीय कार्यमंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने बताया कि 18जुलाई को रांची के बिरसा चौक में प्रदर्शन कर रहे युवा कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं पर पुलिस की ओर से हल्का बल प्रयोग किया गया। उन्होंने बताया कि पथराव और बैरिकेटिंग तोड़े जाने के बाद विधि व्यवस्था को बनाये रखने के लिए हल्का बल प्रयोग जरूरी था।
कांग्रेस के राज में भी हुआ भाजपा कार्यकर्त्ताओं पर बल प्रयोग
उन्होंने बताया कि जब पुलिस-प्रशासन के कई लोग घायल हो गए, तो पुलिस की ओर से हल्का बल प्रयोग किया गया, इस दौरान मची भगदड़ में कुछ लोग घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्त्ती कराया गया। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व में भी कांग्रेस, झामुमो व अन्य विपक्षी दलों के नेतृत्व में चल रही मधु कोड़ा सरकार के दौरान भाजपा नेताओं-कार्यकर्त्ताओं पर बल प्रयोग किया गया था, इस पुलिस लाठीचार्ज में सीपी सिंह के अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा, कड़िया मुंडा समेत कई लोगों को चोट आयी थी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को लोकतांत्रिक अधिकार के तहत धरना-प्रदर्शन के दौरान संयम बरतने की जरूरत है और किसी भी तरह के तोड़फोड़ और पत्थरबाजी नहीं करना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने की निंदा
दूसरी तरफ कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा कि पार्टी कार्यकर्त्ताओं की बुरी तरह से पिटाई की गई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में धरना-प्रदर्शन का अधिकार है और यदि कभी भीड उग्र हो जाती है, तो उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डालने का प्रावधान है, लेकिन लाठीचार्ज का अधिकार नहीं है।
कांग्रेस विधायक सुखदेव भगत ने बताया कि पुलिस ने बेरहमी से युवा कार्यकर्त्ताओं को पीटा, एक कार्यकर्त्ता के पेट पर लाठी रखकर उसे रौंदा गया, अभी वह रिम्स के ट्रामा सेंटर में भर्त्ती है, कई अन्य कार्यकर्त्ताओं के सिर और पेट पर लाठियों से वार किया गया, 50 से अधिक कार्यकर्त्ता विभिन्न अस्पतालों में भर्त्ती है।
Published on:
19 Jul 2018 04:08 pm
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