पिछले आठ दिन में 8 से 15 सितंबर तक जिला अस्पताल में करीब 11 हजार से मरीज उपचार कराने के लिए पहुंचे, जिसमें से 1400 से अधिक मरीजों को भर्ती किया गया। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में मानसिक रोगी वार्ड है, जहां पर मानसिक रोगियों का उपचार किया जाता है, वहीं पर जगह नहीं होने के कारण सामान्य रोगी का भी उपचार हो रहा है। शुक्रवार को एक सामान्य महिना को भी बीमार होने के बाद मानसिक रोगी वार्ड में भर्ती कर बॉटल चढ़ाई गई। जब मरीज से बात की तो उसने बताया कि वार्ड में जगह नहीं होने के कारण उन्हे वहां पर बॉटल चढ़ाई गई।
वायरल बुखार खासी के मरीज बढ़े
अस्पताल के नीमवाला वार्ड में मरीजों के पलंग नहीं मिलने के कारण जमीन पर गद्दा डालकर उपचार करना पड़ रहा है। चिकित्सकों के अनुसार इन दिनों वायरल बुखार के अलावा सर्दी-खासी के मरीजों की संख्या में बड़ी है। आरएमओ डॉ. प्रवण मोदी ने बताया कि मौसम बदलाव के कारण दिन में गर्मी रात में सर्दी और बरसात से वायरल बुखार-खासी के मरीजों की संख्या बड़ी है। जब आईसीयू आदि वार्ड फुल हो जाते हैं, तब वार्ड में गद्दा डालकर उपचार करना पड़ता है। किसी को मना नहीं कर सकते।