
रतलाम। आने वाले समय में मंडल के सभी श्रेणी के रेलवे स्टेशन एलईडी से जगमगाएंगे। इसके लिए निविदा हो गई है। दिसंबर तक काम की शुरुआत बडे़ स्टेशन पर हो जाएगी। मंडल में ११९ रेलवे स्टेशन है। इस काम की शुरुआत मंडल के ए व ए वन श्रेणी के रेलवे स्टेशन पर पहले होगी। हालाकि प्रयोग के तौर पर छोटे स्टेशन पर इसे लगाया जा रहा है। इसके अलावा बडे़ रेलवे स्टेशन पर सौर ऊर्जा से भी बिजली का उत्पादन किया जाएगा।
मंडल का बिजली विभाग ने ११९ रेलवे स्टेशन को एलईडी से चमकाने की योजना को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। ३१ मार्च तक इसके लिए लक्ष्य तय किया गया है। इसके पूर्व मंडल के हर रेलवे स्टेशन पर इस कार्य को रेलवे का बिजली विभाग करेगा। इसके लिए अंतिम योजना बन गई है व अब काम की शुरुआत होगी। हालाकि इसमें प्रयोग के लिए मंडल के दाहोद रेलवे स्टेशन पर सफलता के साथ इस कार्य को कर लिया गया है।
प्रारंभिक कार्य की शुरुआत
मंडल में ए व बी श्रेणी के करीब २५ से ३० रेलवे स्टेशन पर एलईडी लगाने के कार्य की शुरुआत कर दी गई है। दिसंबर तक मंडल के बडे़ रेलवे स्टेशन पर इनको शुरू किया जाएगा। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार इस समय उदाहरण के लिए मंडल मुख्यालय के रेलवे स्टेशन का करीब ११ से १२ करोड़ रुपए का बिजली बिल आता है तो एलईडी लगाने के बाद ये करीब ३० से ४५ प्रतिशत कम हो जाएगा। इसी प्रकार सिग्नल में भी एलईडी को लगाया जाएगा। जिससे वे अधिक बेहतर रोशनी दे व ट्रेन चलाने वाले चालक को लाभ हो।
३० प्रतिशत उर्जा की बचत
रेलवे के बिजली विभाग के अनुसार उदाहरण के लिए उज्जैन में सौलर पैनल लगाया जाएगा। इससे करीब ३० प्रतिशत उर्जा की बचत होगी। इसके अलावा इसी प्रकार के सौर उर्जा से बिजली उत्पादन के लिए इंदौर, रतलाम, नागदा व चित्तौडग़ढ़ में भी सोर उर्जा उत्पादन के लिए जरूरी संसाधन लगाए जाएंगे। इसकी क्षमता करीब २ मेगावॉट तक बिजली उत्पादन की रहेगी।
यात्री व रेलवे को लाभ इससे
रेलवे व यात्री दोनों को एलईडी से लाभ होगा। एलईडी जहंा अधिक बेहतर रोशनी देगी वही इससे कम उर्जा की खपत होने से बिजली की बचत होगी।
- जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल
Published on:
25 Nov 2017 12:00 pm
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