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1720 शौर्या दल फिर भी हो रहे बाल विवाह

व्यवस्था करने वालों पर कार्रवाई तो ठीक नोटिस भी नहीं हुई जारी

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रतलाम. चोरी छीपे होने वाले बाल विवाह रोकने के लिए विभाग हर साल पहले से बैठकों से लेकर निर्देशों की औपचारिकता करता है, बावजूद बाल विवाह के मामले बढ़ते जा रहे है। बाल विवाह पर पहरे के लिए आंगनवाड़ी स्तर तक शौर्या दल गठित है, फिर भी सामने आ रहे मामलों के कारण शौर्या दल की भूमिका पर सवाल उठने लगे है। परिजनों तक तो ठीक इन शादियां मंे सहयोग करने वालांे पर भी कार्रवाई का प्रावधान है, लेकिन विडबंना कि कार्रवाई तो दूर एेसे लोगों को नोटिस तक जारी नहीं हुए है। हालांकि विभाग अब एेसी शादियों को रोकने के लिए शौर्या दल की भूमिका को प्रभावी बनाने के लिए 1720 शौर्या दल को अपडेट करने का दावा कर रहा है।

शौर्यादल पर उठे सवाल
जिले की हर आंगनवाड़ी में बाल विवाह रोकने के लिए शौर्या दल गठित है। हर एक दल में 10 सदस्य है। बावजूद बाल विवाह के मामले सामने आ रहे है। लगातार सामने आ रहे बाल विवाह के मामलों के कारण आंगनवाड़ी स्तर तक गठित शौर्या दल पर सवाल उठने लगे है। हालांकि जहां से भी सूचना मिलती है वहां कार्रवाई के लिए जब अमला पहुंचता है तो यह सदस्य भी वहां पहुंचते है।

किसी को नोटिस नहीं हुए जारी
बाल विवाह में परिजनों के साथ ही वैवाहिक व्यवस्थाओं मंे मदद करने वाले व अन्य सहयोगियों पर भी कार्रवाई होना तय है, लेकिन जिले मंे अब तक सहयोगियों पर कार्रवाई तो ठीक इन्हें नोटिस तक जारी नहीं हुए है। व्यवस्था करने वालों मंे बैंड-बाजा संचालक से लेकर घोड़ी मालिक, हलवाई, प्रिटिंग प्रेस संचालक के साथ अन्य शामिल है। जिन पर 2 वर्ष के कारवास से लेकर 1 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है।

स्थानीय जवाबदार नहीं देते सूचना
विभाग द्वारा जितनी आंगनवाडि़या है, उतने ही शौर्या दलों का गठन कर रखा है। प्रत्येक में 10 सदस्य है। बावजूद इन दलों की ओर से बाल विवाह की सूचना विभाग तक नहीं पहुंच पाती है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत सचिव, पटवारी और सरपंच से लेकर अन्य जो स्थानीय स्तर पर होते है और इन्हें शादियों की जानकारी होती है, बावजूद इनके द्वारा सूचना नहीं देना विभाग के लिए बड़ी दिक्कतें खड़े करता है।

शौर्या दल को करेंगे अपडेट
जिले में 1720 शौर्या दल बने हुए है। इस बार करीब 37 बाल विवाह रोके जा चुके है। अब नोटिस जारी किए जाएंगे और बाल विवाह की मदद करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिले के सभी आंगनवाड़ी पर बने शौर्या दल को अपडेट करने का काम विकासखंडवार समीक्षा करते हुए महिला बाल विकास विभाग के साथ मिलकर करेंगे।

-रवींद्र मिश्रा, जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी, रतलाम