
मध्यप्रदेेश के इस जिले में होगा 56 दिग कुमारी स्नात्र महोत्सव
रतलाम। साध्वी दिव्यप्रज्ञाश्री महाराज के दीक्षा लेने के 50वें वर्ष में प्रवेश, संयम रत्नाश्री महाराज के द्वारा 1 वर्ष तक लगातार पचक्खाण और दीप्ति रत्नाश्री महाराज के 24 दिन तप निमित्त संघ में हर्ष है। गुरु भक्तों की ओर से श्राविकाओं के लिए 56 दिग कुमारी स्नात्र महोत्सव का आयोजन 1 दिसंबर को प्रात: 9 बजे त्रिपोलिया गेट के पास नवीन आनन्द भवन उपाश्रय पर रखा गया है। इस संगीतमय सुर संवेदना कार्यक्रम के लिए आराधना भवन महिला मंडल एवं बालिकाओं द्वारा तैयारियां की जा रही है। महोत्सव में बाहर से भी गुरुजन के भक्त गण एवं श्राविकाएं रतलाम आ रहे हैं। प्रभु की भव्य अंगरचना भी की जाएगा।
महिला उपाश्रय पोरवाड़ों के वास पर श्राविकाओं की चोबीसी
आराधना भवन पोरवाड़ों के वास पर मुनिराज धर्मरति विजय महाराज एवं महिला उपाश्रय में साध्वी दिव्यप्रज्ञा आदि विराजित है । धर्मरति विजय महाराज के आशीर्वाद से चन्द्राननाश्री महाराज की शिष्य दिव्यप्रज्ञाश्री महाराज के संयम जीवन के 50वें वर्ष में शुभ प्रवेश निमित्त दो दिन का महोत्सव किया जा रहा है। 30 नवंबर को दोपहर 2 बजे महिला उपाश्रय पोरवाड़ों के वास पर श्राविकाओं की चोबीसी रखी गई है।
16 साल की उम्र में दीक्षा ली थी
आराधना भवन ट्रस्ट बोर्ड अध्यक्ष अशोक लूनिया एवं सचिव हिम्मत गेलड़ा ने बताया कि साध्वी दिव्यप्रज्ञाश्री ने 16 साल की उम्र में हरवद गुजरात में रामचंद्रसूरी समुदाय की साध्वी गुरु चंद्राननाश्री की निश्रा में 3 दिसंबर 1970 को दीक्षा ली थी। आपका पूरा परिवार धार्मिक संस्कारों से ओतप्रोत रहा। आपके पिता रमणीक भाई व माता जया की बड़ी बेटी दिव्यपूर्णाश्री ने भी बाल्यकाल में ही दीक्षा ले ली थी।
Published on:
30 Nov 2019 10:35 pm
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