दोपहर में 1 बजे जब सम्मेलन शुरू हुआ तो नेता प्रतिपक्ष ने तालनाका क्षेत्र के लिए स्वीकृत हुई टंकी का निर्माण कार्य शुरू करवाने की बात कही और पाइप लाइन की वजह से देरी नहीं करने की बात कही। इसी बात को लेकर बहस हुई तो नेता प्रतिपक्ष ने जानबुझकर स्वीकृत काम में देरी करने का आरोप लगाया। इस पर सदन में हंगामा शुरू हो गया। अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सहित भाजपा के पार्षदों ने कहा कि ताल नाका क्षेत्र में शासन से टंकी स्वीकृत कर लोगों की प्यास बुझाने के लिए काम कर रहे है। 60 साल से कांग्रेस थी तो तुमने क्यों नहीं वहां टंकी बनवाई। उपाध्यक्ष ने सीधे तौर पर कहा कि वर्षों तक कांगे्रस ने लूटने का काम किया है। हम जनहित के काम कर रहे है। चौपाटी में स्वीकृत हुई, लेकिन प्राथमिकता ताल नाका को दी। भेदभाव के आरोपों पर पक्ष ने एकजुट होकर विपक्ष को अनेक उदाहरण कांग्रेस विधायक के कार्यकाल के गिनाते हुए तीखे लहजे में जवाब दिया। विभिन्न वार्ड में निर्माण कार्य के प्रस्ताव पर उपाध्यक्ष ने कहा कि अब तक 270 कामों के प्रस्ताव स्वीकृत हुए, इनमें 100 के काम बाकी है तो पहले उन्हें पूरा कर लो, फिर नए प्रस्ताव लाना। साथ ही धर्मशाला को तोड़कर कॉम्प्लैक्स बनाने के मुद्दा भी वहां की पूरी स्थिति स्पष्ट होने के बाद इस मसले पर आगे बढऩे की बात उपाध्यक्ष ने कही। इस पर सदन ने दोनों मुद्दों को अगली बैठक तक के लिए बढ़ा दिया।