
Political face, which are used in Vindhy's politics
रतलाम। चुनाव के पूर्व आए दिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पार्टियों के प्रत्याशियों की सूची, दावेदारो के लिए सरदर्द का कारण बन रही है। जैसे ही सूची वायरल होती है, दावेदार के समर्थक नेताजी को पकडक़र आपका तो टिकट ही कट गया की बात कहते है। हालाकि दोनों प्रमुख दल इस प्रकार की सूची को गलत बता रहे है, लेकिन हाल ही में भाजपा की जारी सूची ने तो हडक़ंप ही मचा दिया है।
भाजपा में चार नाम तय
भाजपा की 19 अक्टूबर को एक सूची जारी हुई। केंद्रीय कार्यालय के पदाधिकारी के हस्ताक्षर वाली इस सूची में जावरा, रतलाम ग्रामीण, सैलाना व आलोट के लिए प्रत्याशियो के वो ही नाम थे, जो 2013 के विधानसभा चुनाव में घोषित किए गए थे। इसमे हडक़ंप इसलिए मचा क्योंकि इस सूची में रतलाम शहर से किस को पार्टी ने टिकट दिया, वो नाम ही गायब था। बस इसी बात से हडक़ंप मच गया। सूची जिस गति से जारी होने की बात की गई, उतनी ही गति से वायरल भी हुई। यहां तक की जो दावेदार थे, उन्होंने भी भोपाल से लेकर दिल्ली तक फोन लगाकर अपने-अपने आकाओं से इसकी पुष्टी की। बाद में पता चला कि ये सूची भी कांगे्रस की सूची की तरह फजी है।
देर रात तक चलते रहे फोन
19 अक्टूबर की तारीख वाली सूची जब भाजपा की आई तो देर रात तक दावेदार से लेकर अन्य फोन इसकी सत्यता की पुष्टी के लिए घुमाते रहे। जिले के एक दावेदार के घर पर तो समर्थकों की भीड़ हो गई। जब दावेदारों को ये पता चला कि सूची असली नहीं है तो उन्होंने राहत की सांस ली।
Updated on:
22 Oct 2018, 7:33 PM IST
Published on:
22 Oct 2018, 7:33 PM IST
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