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#Neemuch में जंगल व खेतों पर सुलग रही अवैध शराब की भट्टियां, अमला सुस्त, VIDEO

जिले में धड़ल्ले से अवैध कच्ची शराब बनाई जा रही है। जंगलों व खेतों में शराब बनाने की भट्टियां सुलग रही है।

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नीमच. जिले में धड़ल्ले से अवैध कच्ची शराब बनाई जा रही है। जंगलों व खेतों में शराब बनाने की भट्टियां सुलग रही है। अवैध शराब का यह नेटवर्क अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में फैला है। इस काम में लगे लोग महुआ, गुड़ तथा यूरिया जैसे जानलेवा केमिकल मिलाकर अवैध शराब का निर्माण बैखौफ होकर कर रहे है। इनको अवैध शराब पकड़ने वाले आबकारी विभाग के अमले का भय जरा भी नहीं हैं। पत्रिका ने मनासा क्षेत्र के रामपुरा के बीच अवैध शराब निर्माण को अपने कैमरे में कैद किया है। दावा है कि इसी प्रकार से अवैध शराब का निर्माण जावद क्षेत्र के रतनगढ़ से जाट के बीच जंगल क्षेत्र में हो रहा है।

शहर से लेकर अंचल तक पुलिस समय-समय पर अभियान चलाकर अवैध शराब बनाने वालों पर कार्रवाई करती है, लेकिन फिलहाल चुनावी व्यस्तता के कारण अभियान ठप है। आबकारी विभाग भी कार्रवाई नहीं करता। ऐसे में अवैध शराब बनाने वाले बेखौफ हो गए है। इनकी तादाद बढ़ती जा रही है। घर, खेत तथा जंगल में खुफिया ठिकाने बनाकर कच्ची शराब का उत्पादन किया जा रहा है।

धीमा जहर है कच्ची शराब

कच्च, नकली या जहरीली शराब का कोई मानक तापमान नहीं है। न ही इसे बनाते समय किन्हीं नियम का पालन होता है। इससे इसमें नुकसानदायक मिथाइल और प्रोपाइल अल्कोहल जैसी चीजें मिला दी जाती हैं। मिथाइल अल्कोहल सीधे दिमाग और आंखों को नुकसान पहुंचाता है। इसकी मात्रा ज्यादा होने पर इससे इंसान की मौत भी हो सकती है। मालवा में कच्ची शराब बनाने के लिए महुआ, गुड़ तथा यूरिया का उपयोग होता है। यूरिया मिश्रित कच्ची शराब एक तरह का धीमा जहर है। जो इंसान के अंदरुनी हिस्सों को खराब करती है। लगातार सेवन से फैंफड़ें खराब होना शुरु हो जाते है और अंत में आदमी की मौत हो जाती है।

यहां भी बन रही अवैध शराब

वैसे तो जिले में हर 15 से 20 किलोमीटर की दूरी पर अवैध शराब बनाई जाती है, लेकिन खासकर मनासा और जावद क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में कच्ची शराब का निर्माण ज्यादा होता है। इसके अलावा नीमच विधानसभा के भी कई गांवों में शराब का निर्माण होता है। मनासा में हाड़ी पिपलिया, बरडिया, मौया, रावतपुरा, पिपलिया रूंडी, पोखरदा सहित विभिन्न गांवों में बड़े पैमाने पर कच्ची शराब बनाई जा रही है। इसी तरह जावद में रतनगढ़ से जाट के बीच आने वाले तकरीबन सभी गावों में तथा नीमच के आसपास नेवड़, हिंगोरिया, जेतपूरा के अलावा चीताखेड़ा रुट पर अधिकांश गांवों में कच्ची शराब का निर्माण हो रहा है।

सतत कार्रवाई जारी

अवैध शराब पर सतत कार्रवाई जारी है। सूचना मिलने पर दल को भेजा जाता है। गांव हो या शहर, हर स्थान पर विभाग ने कार्रवाई की है।

- आरएन व्यास, जिला आबकारी अधिकारी, नीमच