रेलवे कॉलोनी में जिस रात गश्त नहीं, उसी रात कटे तीन चंदन पेड़, डीजलशेड के मंडल इंजीनियर सहित तीन के यहां काटे, चौथे में आरी चलाई, बाइक आती दिखी तो भाग गए चोर, आरपीएफ को मिले अहम सुराग
रतलाम. मध्यप्रदेश के रतलाम में चंदन पेड़ के चोर सक्रिय हो गए है। रतलाम रेल मंडल के अंतर्गत आने वाली रेलवे कॉलोनी में लगातार चोरियों की वारदात हो रही है। बड़ी बात यह है कि जीआरपी इन मामलों को हल करने में फिसड्डी साबित हो रही है।
रेलवे कॉलोनी में एक वरिष्ठ अधिकारी के बंगले सहित तीन रेल आवास में चंदन चोरों ने रविवार - सोमवार की रात तीन चंदन पेड़ काट चोरी कर लिए। एक और आवास में चोर गए, लेकिन बाइक आती देख भाग गए। बड़ी बात यह जहां यह घटना हुई, वहां हर रात आरपीएफ की गश्त रहती है, बस जिस रात चोरी हुई, उसी रात आरपीएफ इसलिए मौजुद नहीं थी, क्योंकि इनके चार जवान कोरोना पॉजिटीव आ गए। दावा किया जा रहा है कि आरपीएफ-जीआरपी को अहम सुराग मिले है। बता दे इसके पूर्व 29 दिसंबर को भी चंदन पेड़ की चोरी की वारदात हुई थी।
यहां हुई चोरी
आरपीएफ से मिली जानकारी के अनुसार राजधानी ट्रेन के चालक दुर्गाशंकर के पुरानी रेल कॉलोनी, रोड नंबर १० पर चंदन का एक पेड़ काटकर अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। दुर्गाशंकर के करीब ही रहने वाले एक अन्य रेल कर्मचारी के यहां भी चंदन पेड़ चोरी की घटना हुई। इन दो रेल आवास के साथ - साथ डीजलशेड में पदस्थ रेल मंडल में मैकेनिकल इंजीनियर दीपक अहिरवार के बंगले से भी चोर चंदन पेड़ ले गए।
सूचना के बाद हड़कंप
चोरी की घटना के बारे में सोमवार सुबह रेल कर्मचारियों को पता तब चला जब वे सुबह सोकर उठे। इसके बाद जीआरपी व आरपीएफ को सूचना दी गई। चंदन पेड़ चोरी की जानकारी मिलने के बाद हड़कंच मच गया। सूचना मिलने के बाद जीआरपी व आरपीएफ के आला अधिकारी पहुंचे व रेल कर्मचारियों के बयान लिए है। फिलहाल चोरी का कोई सुराग जीआरपी व आरपीएफ को नहीं लगा है।
जब जवान नहीं, उसी रात चोरी
चोरी की इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए है। रेलवे कॉलोनी की रोड नंबर 10 से लेकर 12 नंबर पर जहां चंदन पेड़ चोरी हुए है, वहां प्रतिदिन रात में आरपीएफ की गश्त रहती है। शनिवार - रविवार को चार जवानों के कोरोना संक्रतिम होने से रविवार - सोमवार रात आरपीएफ की गश्त ड्यूटी नहीं थी। ऐसे में सब सवाल उठ रहे है, चंदन चोरों को इस बारे में कैसे पता चला की गश्त नहीं है।
हर साल चार से पांच बार चोरी
रेलवे कॉलोनी में सबसे अधिक चंदन पेड़ है। हर साल चार से पांच बार चंदन पेड़ की चोरी होती है, लेकिन अब तक एक बार भी चोर तक पुलिस नहीं पहुंच पाई है। इतना ही नहीं, रेलवे कॉलोनियों में 2020 से लेकर अब तक जितनी अन्य चोरियां हुई, उस मामले में भी जीआरपी के हाथ खाली ही है।
सघन तलाश जारी
चंदन पेड़ चोरी की घटना को जीआरपी ने गंभीरता से लिया है। चोरों की सघनता से तलाश जारी है। कुछ सूराग मिले है, जल्दी खुलासा किया जा सकता है।
- निवेदिता गुप्ता, एसआरपी इंदौर