17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बस किस्मत ने बचा लिया इन्हें वरना चली जाती जान

लोगों ने जिला प्रशासन और विधायक हाय-हाय के नारे लगाए, पूर्व महापौर भी पहुंचे लोगों के बीच, एसडीएम से रहवासियों की नोकझोंक

3 min read
Google source verification
patrika

बस किस्मत ने बचा लिया इन्हें वरना चली जाती जान

रतलाम। बाजना बस स्टैंड सिटी फोरलेन एक बार फिर से सूर्खियों में आ गया है। यहां से ट्रांसप्लांट किए जाने वाले पेड़ों में से एक बड़ा पेड़ सुबह करीब पौने ११ बजे अचानक ही हवा के तेज झोके से धराशायी हो गया। इससे इसमें काम कर रहे एक मजदूर के साथ ही पेड़ के पास ही मौजूद एक दूसरा व्यक्ति घायल हो गया। घायलों में से एक को पहले निजी और दूसरे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही शहर एसडीएम अनिल भाना भी मौके पर पहुंचे। यहां पहुंचते ही लोगों ने उन्हें घेरकर दबाव बनाने का प्रयास किया तो नोकझोंक हो गई। पूर्व महापौर और कांग्रेस नेता पारस सकलेचा ने कहा कि प्रशासन के अधिकारी को आम जनता से ठीक से चर्चा करना चाहिए। हादसे में टाटानगर निवासी रमेशचंद्र राठौड़ (५५) और मोतीनगर निवासी सीताराम घायल हुए है। एक के सिरे में तो दूसरे के पैर में चोंट आई है।

सुबह दो पेड़ गिर चुके

बाजना बस स्टैंड पर यह पेड़ उस जगह का गिरा जहां मकानों को तोडऩे को लेकर सबसे ज्यादा विवाद की स्थिति निर्मित होती रही है। इन्हीं मकानों का कोर्ट में केस भी चला। इन्हीं मकानों के सामने से पेड़ों को ट्रांसप्लांट करने के लिए दो दिन पहले ही आसपास की मिट्टी की खुदाई करके जड़ों को ढिला किया गया था। इससे कुछ ही दूरी पर सुबह भी पीपल के दो पेड़ के गिर चुके हैं। ये पेड़ छोटे थे और ऐसे गिरे जिसकी चपेट में कोई नहीं आया। सुबह पौने ११ बजे गुलमोहर का बड़ा पेड़ भी गिरा तो यह हादसा हो गया।

लोगों ने लगाया चक्काजाम

हवा के तेज झोके से पेड़ सड़क पर आ गिरा। इससे चार दोपहिया वाहन भी चपेट में आए तो पास ही गुमटी के सामने खड़े थे। इन दो पहिया लाहनों में से किसी की हेडलाइट तो किसी को दूसरा नुकसान हुआ। गुमटी भी क्षतिग्रस्त हो गई। सड़क पर पेड़ गिर जाने से आक्रोशित रहवासियों ने ठेलागाडिय़ां खड़ी करके रास्ता जाम कर दिया। किसी भी वाहन को आने-जाने नहीं दिया गया। बाद में कुछ कर्मचारियों को बुलाकर डालियां कटवाई गई तब जाकर इस रास्ते से वाहनों का आवागमन चालू हो सका।

प्रशासन और विधायक मुर्दाबाद के नारे लगे

पेड़ गिरने से दो लोगों के घायल होने के बाद चक्काजाम करने वालों ने प्रशासन पर हठधर्मिता अपनाने का आरोप भी लगाया। इसी दौरान मौके पर मौजूद कुछ लोग एकत्रित हुए और उन्होंने जिला प्रशासन और नगर विधायक मुर्दाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिए। नारे लगाने के दौरान कुछ और लोग एकत्रित होते गए जिनकी संख्या बाद में बढ़ गई। कुछ देर बाद ये नारेबाजी करने वाले अपने आप ही शांत हो गए। पूरे घटनाक्रम के दौरान कुछ फोरलेन समर्थक थे तो कुछ विरोधी भी यहां मौजूद थे।

एसडीएम से नोकझोंक

शहर एसडीएम अनिल भाना सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे। यहां पहुंचते ही उन्हें रहवासियों के साथ ही सकलेचा ने घेर लिया। इसी दौरान यहां आंदोलन करने वालों में शुमार अर्जुन पंवार और अजय चत्तर ने भी बात करना चाही तो एसडीएम ने कहा आपसे बात नहीं करना है मुझे। मैं अपना काम करने आया हूं। दूसरे मु²ों को यहां की बहस में नहीं डालो। सकलेचा ने कहा कि आप ठीक से बात तो करें। इस पर एसडीएम ने कहा कि व्यवस्था बनाई जा रही फिर ये विवाद क्यों किए जा रहे हैं।

-----------

बात करने का तरीका ठीक नहीं

एसडीएम का बात करने का तरीका ठीक नहीं है। किसी के भी साथ कोई प्रशासनिक अधिकारी बात करता है तो उसे शालीनता से बात करना चाहिए। जिस ढंग से आज एसडीएम ने लोगों के साथ बात की वह तरीका ठीक नहीं है।

पारस सकलेचा, व्हीसल ब्लोअर और कांग्रेस नेता

----------

पेड़ स्थानांतरण की प्रक्रिया चल रही

पेड़ों को ट्रांसप्लांट करने की प्रक्रिया चल रही है। कभी ये लोग पेड़ नहीं काटने देते और ट्रांसप्लांट कर रहे हैं तो उसमें भी कहते हैं कि जल्दी क्यों नहीं कर रहे हैं। किसी भी प्रक्रिया में समय लगता है और उसी के अनुसार काम होता है।

अनिल भाना, एसडीएम रतलाम शहर