मध्यप्रदेश शासन ने शनिवार को रतलाम कलेक्टर का तबादला खरगोन कर दिया। तबादले की सूचना मिलते ह सोशल मीडिया पर जमकर विरोध शुरू हो गया। 2004 के बाद यह दूसरे कलेक्टर है, जिनके तबादले का विरोध हो रहा है।
रतलाम. मध्यप्रदेश शासन ने शनिवार को रतलाम कलेक्टर का तबादला खरगोन कर दिया। तबादले की सूचना मिलते ह सोशल मीडिया पर जमकर विरोध शुरू हो गया। 2004 के बाद यह दूसरे कलेक्टर है, जिनके तबादले का विरोध हो रहा है। 2004 में तत्कालीन समय में दिप्ती गौड़ मुखर्जी का तबादला होने पर विरोध हुआ था।
रतलाम जिले के नए कलेक्टर अब नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी होंगे। वर्तमान कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम को खरगोन की कमान दी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग ने शनिवार शाम को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए है। बता दे कि जब रतलाम में कोरोना तेजी से बढ़ रहा था व नियंत्रण में नहीं आ रहा था, तब तत्कालीन गुना कलेक्टर कुमार को रतलाम में पदस्थ किया गया था। कुमार ने आते ही सख्त निर्णय लिए व एक पखवाड़े में कोरोना को तेजी से नियंत्रित किया।
सख्त हाकीम की पहचान
कलेक्टर के रुप में कुमार ने सख्त हाकीम के रुप में अपनी पहचान बनाई। गुंडो के खिलाफ अभियान चलाया व अपराधियों के घर पर जेसीबी सख्ती से चलवाई। इसके अलावा अवैध खनन हो या कृषि विभाग में बीज की गड़बड़ी, सख्त निर्णय लिए। अब कुमार को शासन ने कुछ दिन पूर्व ही जहां दंगा हुआ था, उस खरगोन में भेजा है। इनके स्थान पर 2012 बेच के सूर्यवंशी को भेजा गया है।
इसलिए हो रहा विरोध
असल में कॉलोनाइजरों पर नकेल कसने के लिए कलेक्टर के रुप में कुमार ने अभियान शुरू किया था। इस अभियान का आमजन ने स्वागत किया था। इसके अलावा गुंडे - बदमाशों के खिलाफ अभियान चलाकर जेसीबी तक मकानों पर चलवा दी थी। बैठक में लापरवाही करने वाले अधिकारियों को जमकर फटकार लगाते थे। इसके अलावा शहर से लेकर जिले मे अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू किया व आमजन को राहत दी। जब कलेक्टर कुमार के तबादले की सूचना तेजी से वायरल हुई तो सोशल मीडिया में इसका जमकर विरोध होने लगा। लोगों ने लिखा रतलाम में अच्छे अधिकारी को हमेशा जल्दी हटा दिया जाता है। बता दे कि कलेक्टर के रुप में कुमार को मात्र 370 दिन ही हुए थे।