3 जून 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रतलाम में संविदा स्वास्थ्यकर्मी, आशा-पर्यवेक्षक-आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का प्रदर्शन

संंविदा स्वास्थ्य कर्मी गुलाब चक्कर बैठे हड़ताल पर, आशा-पर्यवेक्षकों जिला अस्पताल और महिला बाल विकास विभाग की आंगनवाड़़ी कार्यकर्ता कलेक्टोरेट में प्रदर्शन कर मुख्यमंंत्री के नाम का अपनी-अपनी मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

2 min read
Google source verification
Contract health workers news ratlam

कार्यकर्ता कलेक्टोरेट में प्रदर्शन कर मुख्यमंंत्री के नाम का अपनी-अपनी मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

रतलाम. शहर में बुधवार का दिन धरना प्रदर्शन, नारेबाजी ज्ञापन के नाम रहा। संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के अलावा आशा-पर्यवेक्षक और आंगनवाडी कार्यकर्ता अपनी-अपनी मांगों के निराकरण के लिए प्रदर्शन करती नजर आई। संंविदा स्वास्थ्य कर्मी गुलाब चक्कर में, आशा-पर्यवेक्षकों जिला अस्पताल और महिला बाल विकास विभाग की आंगनवाड़़ी कार्यकर्ता कलेक्टोरेट में प्रदर्शन कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
महिला बाल विकास विभाग में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन कलेक्टोरेट में नायब तहसीलदार रामचंद्र पाण्डे सौंपा। जिसमें उन्होंने मांग की कि हमें भी राज्य कर्मचारी के रूप में नियमित कर सभी सुविधाएं दी जाए। न्यूनतम पेंशन 5 हजार रुपए दी जाए। रिटायरमेंट की उम्र 65 वर्ष की जाए। कार्यकर्ता-सहायिकाओं के मानदेय अंतर कम किया जाए।

मृत्यु पर बहू-बेटी को अनुकम्पा नियुक्ति
ज्ञापन के माध्यम से मांगों का निराकरण करने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि मृत्यु पर बहू-बेटी को अनुकम्पा नियुक्ति दी जाए। कार्य के दौरान मृत्यु पर सांत्वना राशि 5 लाख रुपए दी जाए। किसी भी अधिकारी के द्वारा सेवा से पृथक करने की कार्यवाही नहीं की जानी चाहिए, यह विभागीय अधिकारियों के अधिकार सुरक्षित रहें। इस दौरान ज्ञापन का वचन स्वाति जोशी ने किया। आभार दीपिका चौहान ने माना। इस अवसर पर भारतीय मजदूर संघ से दिलीप मेहता, भारतीय मजदूर संघ जिला अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा, प्रमोद पाठक, अशोक शर्मा आदि सहित करीब डेढ़ हजार आंगनवाड़ी-कार्यकर्ता-सहायिकाएं शामिल हुई।

प्रोत्साहन बिना कटौती के समय पर भुगतान की मांग
आशा-उषा-आशा पर्यवेक्षक एकता यूनियन की ओर से मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संचालक से प्रोत्साहन राशि का माह की 5 तारीख तक नियमित बिना कटौती के भुगतान सहित नौ सूत्रियों मांगों के संबंध में कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। इसके पूर्व जिला अस्पताल परिसर में उन्होंने जमकर नारेबाजी की। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने बताया कि अनुचित कटौती रोकी जाए, वेतन पर्ची में अर्जित वेतन, कटौती की राशि भुगतान किए जाने वाली राशि एवं बकाया राशि की जानकारी दी जाए। विभागीय अधिकारियों द्वारा अनुचित एवं मनमाने तरीके से सेवा समाप्ति करने से रोका जाए, आशा एवं पर्यवेक्षकों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष मीनाक्षी गोड़, सचिव अनिता काकन्या, कृष्णा पंवार आदि मौजूद रही।

अनिश्चितकालीन हड़ताल के दौरान नारेबाजी करते हुए।
जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारी काम बंद कर चरणबद्ध आंदोलन पर हैं। मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर अमल न होने से नाराज, नियमितीकरण सहित आठ मांगों को लेकर दिए 20 दिन का अल्टीमेटम के बाद जिले के लगभग 509 कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया। मंगलवार को मां कालका के चरणों में ज्ञापन सौंपा। बुधवार को चार घंटे चले प्रदर्शन के दौरान संविदा एकता जिन्दाबाद…आज करो अर्र्जेंट करो हमको परमानेंट करों के नारों से गुलाब चक्कर गूंज उठा।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण का लाभ
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मप्र ने मुख्यमंत्री की उपस्थिति में पूर्व में हुई सहमति के बावजूद मांगों पर कोई ठोस कदम न उठाए जाने पर आक्रोश व्यक्त किया है। संघ पदाधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री ने 30 जनवरी 2023 को दशहरा मैदान में की गई नियमितीकरण की घोषणा पर भी अमल नहीं हुआ है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण का लाभ, सामान्य प्रशासन 2023 की नीति अनुसार अनुकंपा नियुक्ति व स्वास्थ्य बीमा, अन्य राज्यों की भांति 10 प्रतिशत वार्षिक वेतनवृद्धि, नियमित कर्मचारियों की तरह महंगाई भत्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के वेतन में पीएफ समायोजन, समकक्षता निर्धारण पर पुनर्विचार और नियमित कर्मचारियों की भांति अवकाश शामिल हैं। प्रदर्शन दोपहर सुबह 10 से 2 बजे तक चला। इस दौरान संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर रहें। इनमें एएनएम, स्टॉफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, कम्प्यूटर ऑपरेटर, संविदा डॉक्टर, प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट, तकनीकी और मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ता आदि शामिल रहें।