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20 डेल्टा पॉजिटिव आने बाद अब एंटीडेल्टा रोड मैप

कलेक्टर ने कसी कमर, कलेक्टर बोले, डरने की नहीं सतर्कता रखने की आवश्यकता

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Antidelta road map

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रतलाम. प्रदेश के कुछ जिलों में पैर पसार रहे डेल्टा वैरिएंट का अब मालवा के शहरों में भी प्रसार हो रहा है। बीते दिन रतलाम को दिल्ली से मिली 50 सैंपलों की जांच रिपोर्ट में करीब 20 सैंपल पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद से ही रतलाम सहित मंदसौर और नीमच जिलों में प्रशासन व स्वास्थ्य महकमा हड़कंप की स्थिति में है, हालांकि जानकारों का मानना है कि यह डेल्टा वैरिएंट है और इसका खतरा तो है, लेकिन सतर्कता व वैक्सीनेशन के चलते जोखिम नहीं है। उधर, रिपोर्ट सामने आने के बाद रतलाम कलेक्टर कुमार पुरषोत्तम का कहना है कि जिस तरह कोरोना की दूसरी लहर का प्रभाव था, उससे रतलाम में डेल्टा वैरिएंट की आशंका थी, लेकिन इससे डरने की नहीं सतर्कता की आवश्यकता है। उधर, डेल्टा वैरिएंट के लक्षण वाले जिले के सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर ननावरे लगातार कई बैठकों में शामिल हो रहे हैं, इसे लेकर भी स्वास्थ्य अमले में चिंता साफ देखी जा रही है।

रतलाम के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित करीब 20 लोगों की रिपोर्ट डेल्टा पॉजिटिव आई है। स्वास्थ विभाग के मुखिया के डेल्टा संक्रमित पाए जाने के बाद से ही महकमा अलर्ट है। रतलाम से जांच के लिए 50 सैंपल दिल्ली भेजे गए थे जिनमें से 20 से अधिक की रिपोर्ट पॉजिटिव है। जानकारी अनुसार, सीएमएचओ की रिपोर्ट पूर्व में मई माह में कोरोना पॉजिटिव आने के बाद ली थी व उनके सैंपल को प्रिजर्व कर रख लिया गया था, जो सैंपल जांच के लिए गया था, वह भी कुछ दिन पूर्व का नहीं है, बल्कि यह सैंपल मई माह का होना बताया जा रहा है, जिसे जांच के लिए लैब भेजा गया था, इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि यह रिपोर्ट जब आई तब तक कई मरीज स्वस्थ भी हो चुके हैं तो कुछ में अब भी बीमारी के लक्षण मौजूद हैं। डॉ प्रभाकर ननावरे की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी सोमवार को कलेक्टर द्वारा आयोजित समीक्षा बैठक में वे मौजूद रहे। जिम्मेदारों का कहना है कि यह डेल्टा प्लस नहीं है इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है और सीएमएचओ की भी पहले के सैंपल की रिपोर्ट आई है, यह अभी की नहीं है लेकिन उनको बुखार अब भी बना हुआ है। वहीं, अन्य पॉजिटिव मेें से अधिकांश का वैक्सीनेशन हो गया है, ऐसे में अब खतरा नहीं है।

वैक्सीनेशन के चलते नहीं है ज्यादा जोखिम
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन के साथ ही स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित कर रहा है। इसके अतिरिक्त हाल ही में इसके लिए महाअभियान भी चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों का टीकाकरण किया गया। टीकाकरण ही एक ऐसा कारण है, जिसकी वजह से सभी लोग पूरी तरह से सुरक्षित है। बुखार के अतिरिक्त कोई गंभीर रूप से बीमार नहीं हुआ है। वहीं लोग भी वैक्सीन लगवाने के बाद अपने आप को सुरक्षित मानने लगे है, डेल्टा में भी वैक्सीन ही कारगर है।

सोशल मीडिया पर अफवाह, नहीं लगेगा लॉकडाउन
कलेक्टर ने जारी निर्देश में बताया कि देखने में आया है कि सोशल मीडिया पर रतलाम जिले में लॉकडाउन तथा जिला क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक के संबंध में गलत सूचना चलाई जा रही है। इस संबंध में संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया गया है कि गलत सूचना चलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए, जो भी व्यक्ति सूचना प्रसारित करता है, उसे सोर्स बताना होगा अन्यथा उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी। इस संबंध में रतलाम के पुलिस अधीक्षक को भी कार्रवाई करने संबंधी निर्देश जारी किए गए हैं।

पीक के दौरान सक्रिय हुआ वायरस
रतलाम जिले में कोरोना की दूसरी लहर घातक थी, इस दौरान ही डेल्टा वैरिएंट का वायरस सक्रिय था और कोरोना पॉजिटिव आए कई लोगों में इस वायरस का प्रभाव रहा। इस दौरान एकत्रित किए गए सैंपलों की जांच दिल्ली में कराई गई। इन जांच रिपोर्ट में डेल्टा वैरिएंट होना पाया गया है, हालांकि दावा है कि इनमें से कई मरीज अब ठीक हो चुके है। उधर, डेल्टा लक्षणों वाले कुछ मरीजों का मेडिकल कॉलेज में अब भी उपचार चल रहा है, इनको कोरोना पॉजिटिव आने के बाद भर्ती किया गया था, वे डिस्चार्ज नहीं किए गए।

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डेल्टा से डरने की जरूरत नहीं है
सोशल मीडिया पर कुछ भ्रामक सूचनाएं देखी की डेल्टा वैरिएंट के कारण रतलाम में लॉकडाउन लग रहा है और बहुत ही विषम स्थिति बन रही है। यह पूरी तरह से भ्रामक है। एसपी को दोषियों पर कार्रवाई के लिए कहा है, मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि डेल्टा वैरिएंट 80 देशों में पाया गया था। इस बार का कोरोना अधिक संक्रामक था, डेल्टा वैरिएंट इसकी पुष्टि करता है। रतलाम में जिस तरह प्रसार हुआ, उससे यह प्रमाणित था कि वायरस यहां फैला है। मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि ऐसी कोई विषम परिस्थिति वर्तमान में नहीं है जिसके कारण फिर लॉकडाउन लगाया जाए या अन्य कोई सख्त कदम उठाए जाए। कोविड के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
- कुमार पुरषोत्तम, कलेक्टर रतलाम