बाल मन पत्रिका अभियान में हर उस सवाल का जवाब चाहता था, जो उनके जेहन में आ रहे थे। स्कूल के कक्षा 9वीं से 12वीं तक के बच्चों ने करीब 20 से 25 सवालों के माध्यम से बाल अपराध, वर्तमान हालात और सुरक्षा तथा बचाव पर जानकारी ली। बच्चों ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के जवाबों के बीच यह भी पूछ लिया कि सर, पुलिस को सबको डराती है, फिर हम कैसे सूचना देगे। इस पर डॉ. चौबे ने साफ किया कि बदमाशों की धरपकड़ के लिए पुलिस को सख्त होना पड़ता है, हर इंसान के साथ एक जैसा व्यवहार नहीं किया जाता। अब तो पुलिस थानों पर हेल्प डेस्क पर महिलाएं बैठती है।