अनाज मंडी के पिछे खुले परिसर में खड़ी उपज से भरी ट्राली लेकर किसान शेडो की ओर दौड़ लगा रहा था, तो कोई तिरपाल से ट्राली की ढंककर तो कोई तिरपाल में भरे पानी को बाहर फेंकता नजर आया ताकि पकी पकाई उपज भिगे नहीं। कृषि उपज मंडी में किसान चिंतित नजर आया तो व्यापारी वर्ग पर भी खरीदी उपज को सुरक्षित करने का संकट आ पड़ा। क्योंकि कई व्यापारियों ने गेहूं खरीदकर परिसर में ढेर लगा रखें है, जिन्हे अचानक बारिश के दौरान प्लास्टिक से ढककर भिगने से बचाने के प्रयास कर रहे थे, लेकिन फिर भी कई ढेर पर पानी से तरबतर हो गए।
उपज बचाने ट्रेक्टर ट्राली भागे किसान
मंडी परिसर में जोरदार बारिश के दौरान कई किसान अपनी उपज पानी में भिगने से बचाने के लिए ट्रेक्टर ट्राली लेकर भागते नजर आए है। जिसको जहां किसान प्लेटफार्मों के निचे जगह मिली वहां अपनी ट्राली लगाकर उपज को सुरक्षित किया।
प्लास्टिक खरीदकर ढकी
बडिया लालगुवाड़ी से आए किसान प्रकाश मकवाना ने बताया कि दो दिए हो गए है, अब तक नंबर नहीं आया और आज अचानक बारिश का मौसम हुआ तो ट्राली ढकने के लिए 500 रुपए की बाजार से प्लास्टिक लेकर आया, फिर भी गेहूं गिले हो गए। नीलामी बंद हो गई, अब भाव भी कम मिलेगा। ट्राली खुले में ही खड़ी है।
खेत से मंडी तक किसान की मुसिबत
रसुलाबाद बडनग़र से आए किसान राहुल ने बताया कि बुधवार को मंडी गेहूं लेकर आया था। अब तक नंबर नहीं आया और आज नीलामी शुरू हुई थी और बारिश आ गई, आज फिर इंतजार करना पड़ेगा। किसानों के लिए खेत से लेकर मंडी तक परेशानी ही उठाना पड़ती है। गेहूं भरी ट्राली को भिगने से बचाने के लिए किसान भाग रहे है।
इनका कहना है…
बारिश के कारण कुछ देर नीलामी प्रभावित हुई थी, दो बजे से फिर नीलामी शुरू कर दी गई। कुछ ट्राली परिसर में और बाकि की शेड में किसानों ने लगा दी है।
एमएस मुनिया, सचिव कृषि उपज मंडी, रतलाम