3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Expressway : तरक्‍की का नया नजरिया है एक्सप्रेस-वे, रियल एस्टेट बोला- अब तीन दूनी छह

Expressway : रतलाम, झाबुआ और मंदसौर में एक्सप्रेस-वे क्या बना, जमीन के दाम सोने से ज्‍यादा महंगे हो गए। एक्सप्रेस-वे के आसपास के दाम तो बढ़े ही, अब आसपास के जिलों की कृ​षि भूमि भी हीरे-मोती जैसी महंगी हो रही है।

3 min read
Google source verification
expressway

रतलाम से आशीष पाठक की रिपोर्ट

Delhi Mumbai Expressway : मशहूर फिल्मी गीत की पंक्तियां हैं, 'मेरे देश की धरती उगले सोना, उगले हीरे मोती..!' मध्य प्रदेश के रतलाम, झाबुआ और मंदसौर में एक्सप्रेस-वे क्या बना, जमीन के दाम सोने से ज्‍यादा महंगे हो गए। एक्सप्रेस-वे के आसपास के दाम तो बढ़े ही, अब आसपास के जिलों की कृ​षि भूमि भी हीरे-मोती जैसी महंगी हो रही है। एक्सप्रेस-वे के एंट्री और एग्जिट वाले रोड के साथ पड़ोस के जिलों पर इसका सबसे अ​धिक असर हुआ है। कल तक जो जमीन मिट्टी के दाम थी, अब वो सोना उगल रही है। जमीन की कीमतों का ये पहाड़ा अब सीधे-सीधे तीन दूनी छह बोल रहा है।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और औद्योगिक निवेश क्षेत्र ने एक बड़े इलाके के किसानों की दशा और दिशा को बदल दिया है। झाबुआ, मंदसौर और रतलाम जिले से निकल रहे एक्सप्रेस-वे की जिस दिन नींव रखी थी, उसी दिन से जमीनों की कीमत में उछाल आना शुरू हो गया था। एक्सप्रेस-वे बनने के बाद नीमच, धार और अलीराजपुर में भी इसका असर हुआ है। जैसे-जैसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे रफ्तार पकड़ता जा रहा है, वैसे-वैसे पड़ोस के तीन जिलों में भी प्रापर्टी कारोबार में तेजी आती जा रही है।

यह भी पढ़ें- Indian Railway : रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी, रेलवे ने कई ट्रेनों में बढ़ाए जनरल कोच, देखें लिस्ट

प्रॉपर्टी बाजार में बूम

एक्सप्रेस-वे के एंट्री और एग्जिट रोड से लगी जमीनों के दाम इतने बढ़ गए हैं कि प्रदेश की औद्योगिक राजधानी इंदौर भी पीछे दिखाई दे रही है! दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे मध्य प्रदेश में करीब 240 किलोमीटर क्षेत्र में बना है। यह मंदसौर, रतलाम और झाबुआ जिले से निकल रहा है। रतलाम जिले में इस एक्सप्रेस-वे पर दो एंट्री और एग्जिट प्वाइंट हैं। खास बात यह भी है कि रतलाम जिले के यह पॉइंट दिल्ली और मुंबई के लगभग बीचों-बीच स्थित हैं। रतलाम की भौगोलिक स्थिति लॉजिस्टिक हब बनने के लिए भी उपयुक्त है। यही कारण है कि यहां जमीनों के दाम आसमान छू रहे हैं। रतलाम जिले के डेलनपुर, ​शिवगढ़, धामनोद, बड़ौदा और भूतेड़ा में एक्सप्रेस-वे को जोड़ने वाले मार्गों पर जमीनों के दाम करोड़ों में पहुंच चुके हैं। रतलाम में एक्सप्रेस-वे के इर्द-गिर्द करीब ही 1800 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक निवेश क्षेत्र भी तैयार हो रहा है।

यह भी पढ़ें- Indian Railway : रेलवे ने कैंसिल कीं कई ट्रेनें, कई के मार्ग भी बदले, यात्रा से पहले करें चेक

यहां आसमान छू रहे जमीनों के दाम

रतलाम के प्रॉपर्टी व्यवसाय से जुड़े डीलर अनिल मूंदड़ा, धार के प्रॉपर्टी कारोबारी मनोज अग्रवाल व अलीराजपुर के प्रॉपर्टी कारोबारी महेश कुमार के अनुसार एक्सप्रेस-वे पर एंट्री और एग्जिट करने वाले पॉइंट के साथ इसकी सीमा वाले जिलों में भी जमीनों के दाम अब करोड़ों में हैं। भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए जमीन की कीमत यहां 45 लाख से लेकर डेढ़ से दो करोड़ रुपए प्रति बीघा तक पहुंच गई है। हाईवे से लगी जमीनों के दामों में आई तेजी का असर ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि की कीमतों पर भी पड़ा है। यहां भी अब शासकीय गाइड लाइन से कई गुना अधिक दामों पर जमीनों के सौदे हो रहे हैं।

मुनाफे के नए मुहावरे

-नीमच में मंदसौर की जिस सीमा से एक्सप्रेस-वे निकल रहा, वहां पहले कृ​षि भूमि के दाम 30 लाख रुपए बीघा थे। अब 3 करोड़ रुपए बीघा तक हो गए हैं।
-धार में झाबुआ जिले की सीमा से लगी कृ​षि भूमि 25 लाख रुपए बीघा थी। जो अब 75 लाख रुपए से एक करोड़ रुपए तक हो गई है।
-अलीराजपुर में झाबुआ जिले की जिस सीमा से हाईवे निकल रहा है, वहां भी 30 लाख रुपए तक प्रति बीघा वाले भाव अब करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपए बीघा हो गए हैं।

Story Loader