
कालूखेड़ा (रतलाम) . आम लोगों के 'दो मुहा सांप होना' सोशल प्लेटफॉर्म पर एक गाली के तौर पर देखा जाता है, लेकिन इन्हीं सांपों की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपए हो सकती है। सहसा इस बात पर यकीन नहीं होता है, लेकिन यह सच है। पुलिस ने एक ऐसी ही तस्कर गैंग को क्रैक किया है। जो ऐसे दुर्लभ सांप का सौदा कर रहे थे।
इंटरनेशनल स्मगलिंग मार्केट में करोड़ों रुपए की कीमत वाले दो मुंहे सांप को बेशकीमती माना जाता है। इस सांप की तस्करी इंडिया से इंडोनेशिया, चाइना, जापान और अरब देशों तक होती है। अमेरिका में भी इस सांप की डिमांड है।
टेक्नोलॉजी के इतने आगे हो जाने के बावजूद भी कई देशों में भारत को आज भी सपेरों का देश कहा जाता है। उसी भारत के दो मुंहे सांप पूरी दुनिया में करोड़ों रुपए में बिकते हैं। इसकी कीमत किंग कोबरा से भी अधिक मानी जाती है।
रतलाम जिले के कालूखेड़ा में पुलिस ने खरीद सांप की तस्करी कर रहे कुछ लोगों को दबोचा है। बताया जा रहा है कि ये लोग सांप का सौदा 25 लाख रुपए में कर रहे थे, जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत 25 करोड़ रुपए से भी अधिक है। ऐसा भी माना जा रहा है कि चीन का तस्कर समूह इस सांप को खरीदने की फिराक में था।
इसलिए बेशकीमती है ये सांप
ऐसा माना जाता है कि इस दो मुंहे सांप से निकलने वाले लिक्विड से सोने का शोधन किया जाता है। यहां तक कि कुछ लोग मानते हैं कि इस लिक्विड से शुद्ध सोना तैयार हो जाता है।
बढ़ती है सेक्स पॉवर
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ऐसी मान्यता है कि सांप के अवशेष से सेक्स पॉवर बढ़ाने वाली दवाएं बनाई जाती हैं। इंडोनेशिया चाइना और जापान में इस सांप की डिमांड ज्यादा है। इतना ही नहीं कई तांत्रिक क्रिया करने वाले लोग भी इस सांप को करोड़ों रुपए में खरीदने के लिए तैयार रहते हैं।
ऐसी भी मान्यता है कि इस सांप का मांस खाने से आदमी वर्षों तक जवान रहता है और इतना ही नहीं उसे अलौकिक शक्तियां प्राप्त हो जाती हैं। माना जाता है कि इसकी हड्डी को सिद्ध कर दिया जाए तो आदमी इसे पहनने के बाद गुप्त हो जाता है।
जिले के जावरा अनुविभाग क्षेत्र में कालूखेड़ा थाना पुलिस ने गांव बरखेड़ी से दो मुंह के सांप का २५ लाख में सौदा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी जंगल से इस विशेष प्रजाति के सांप को लाया था और मंदसौर जिले के रहने वाले आरोपी को बेच रहा था। पुलिस ने दोनों आरोपियों पर मामला दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया है।
6 माह एक और 6 माह दूसरी तरफ चलता है सांप
यह सांप साल में 6 माह एक तरफ और बाकी 6 माह दूसरी तरफ चलता है। बहुम कम ही यह सांप देखे जाते हैं। इसी कारण लाखों में इनकी कीमत होती है और मंहगे दामों में इनकी तस्करी होती है। इसके पहले क्षेत्र में आलोट अनुविभाग के बरखेड़ा पुलिस ने भी इस प्रकार के सांप की तस्करी करते हुए आरोपियों को पकड़ा था। कुछ ही माह में क्षेत्र से दो मुंह के सांप की तस्करी से जुड़ा यह दूसरा मामला सामने आया है।
जंगल से लाकर बेच रहा था
कालूखेड़ा पुलिस ने बताया कि पुलिस टीम जब गश्त पर थी, तभी मुखबिर से सूचना मिली की बरखेड़ी गांव में जड़वासा फंटे पर दो मुंह के सांप को एक आदमी बेचने के लिए आया है। पुलिस ने घेराबंदी की। बाबूलाल (२४) पिता भागीरथ निवासी आकतवासा इस सांप को जंगल से लाया था और विजय (25) पिता कंवरलाल बैरागी निवासी खडपालिया, नारायणगढ़ जिला मंदसौर को यह सांप 25 लाख में देने वाला था। 25 लाख में बाबूलाल ने विजय के साथ इस सांप को लेकर सौदा किया था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर वन्य प्राणी अधिनियम की धारा में मामला दर्ज कर आरोपियों को कोर्ट में शुक्रवार को पेश किया गया। आरोपियों से पुलिस इस प्रकार के सांप की तस्करी को लेकर अन्य मामलों को लेकर भी जांच कर रही है।
Published on:
20 Apr 2018 02:45 pm
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