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रतलाम में जल्द पूरा होगा गोल्ड पार्क का सपना, आरडीए नहीं अब हाउसिंग बोर्ड करेगा रिडेंसिफिकेशन में निर्माण

- 92 करोड़ की जमीन के बदले आरडीए को सौंपे थे तीन बड़े प्रोजेक्ट, शहर विधायक चेतन्य काश्यप की सीएम से मुलाकात के बाद लगी मुहर

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रतलाम में जल्द पूरा होगा गोल्ड पार्क का सपना, आरडीए नहीं अब हाउसिंग बोर्ड करेगा रिडेंसिफिकेशन में निर्माण

Dream of Gold Park will be fulfilled soon in Ratlam, not RDA, now Housing Board will build in redensification


रतलाम। देशभर में अपने सोने की चमक से चमकने वाले रतलाम के गोल्ड पार्क का सपना अब जल्द पूरा होने की आस फिर से जाग उठी है। रिडेंसिफिकेशन योजना के तहत बनने वाले गोल्ड पार्क की चमक अगले एक से दो माह में धरातल पर नजर आने लगेगी। योजना को गति देने के लिए यह काम अब रतलाम विकास प्राधिकरण से लेकर एमपी हाउसिंग बोर्ड को सौंप दिया गया है। गोल्ड पार्क को लेकर जिला अधिकार समिति की बैठक में प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है।

रिडेंसिफिकेशन के तहत जिस पहले प्रोजेक्ट की फाइल शासन के पास गई है, अब तक उसे ही स्वीकृति नहीं मिल सकी थी, जिसके चलते गोल्ड पार्क की चाल रूकी पड़ी थी लेकिन दो दिन पहले शहर विधायक चेतन्य काश्यप ने भोपाल जाकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की जिसके बाद उनके द्वारा आरडीए के बजाए यह काम अब एमपी हाउसिंग बोर्ड से कराए जाने का निर्णय लिया गया और यह काम हाउसिंग बोर्ड को सौंप दिया गया। शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय से सटी भूमि गोल्ड पार्क के लिए आवंटित है, जो कि करीब 92 करोड़ रुपए कीमत की है।

जमीन के बदले करना था काम
गोल्ड पार्क के लिए आवंटित भूमि के बदले रतलाम विकास प्राधिकरण को प्रशासन को राशि नहीं चुकाना है बल्कि उसके बदले रतलाम में तीन बड़ी योजना के काम सौंपे गए थे, जिनमें एक जिला अस्पताल परिसर में ३०० बेड का अस्पताल, दूसरा बंजली के समीप एक हजार सीट का ऑडिटोरियम और तीसरा अधिकारी और कर्मचारियों के जर्जर हुए क्वार्टरों का नए सिरे से निर्माण कार्य शामिल है।

यह बाधा हुई दूर
रिडेंसिफिकेशन योजना के तहत जिला अस्पताल परिसर में ३०० बेड का अस्पताल तैयार किया जाना है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है लेकिन अब तक उस पर स्वीकृति नहीं मिल सकी थी जिसके चलते गोल्ड पार्क की सुविधा भी अटकी पड़ी थी लेकिन शहर विधायक के प्रयास के बाद अब यह बाधा भी दूर हो गई है। जल्द ही अब गोल्ड पार्क के लिए आगे की प्रक्रिया भी शुरू हो रही है। पार्क का निर्माण पीपीपी मॉडल के तहत होना है।

इस कारण से हाउसिंग बोर्ड को मिला काम
गोल्ड पार्क के लिए शासन से स्वीकृति के बाद आरडीए को इसकी ड्राइंग, डिजाइन और डीपीआर तैयार करना थी लेकिन रतलाम विकास प्राधिकरण की वर्तमान स्थिति के चलते यह काम हाउसिंग बोर्ड को देने का निर्णय लिया गया। दरअसल शासन स्तर से भी अब बडे़ प्रोजेक्ट को एमपी हाउसिंग बोर्ड के माध्यम से कराने का निर्णय लिया गया है। एेसे में अब आगे की पूरी प्रक्रिया को हाउसिंग बोर्ड ही आगे बढ़ाएगा।

तीन लाख वर्गफीट पर होगा निर्माण
रतलाम में बनने वाले गोल्ड पार्क के लिए लगभग दो लाख वर्गफीट भूमि दी गई है। इस पर तीन लाख वर्गफीट पर बहुमंजिला गोल्ड पार्क आकार लेगा। इसमें ३०० से ४०० दुकानें रहेगी। इनमें से ५० से ६० प्रतिशत दुकानें गोल्ड पार्क के लिए आवंटित रहेगी और शेष बचे हिस्से की दुकानें शासन के निर्देशानुसार निर्माणकर्ता उन्हे अन्य कार्य के लिए दे सकेगा।

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यह तीन बडे़ काम करना है

300 बेड का अस्पताल जिला अस्पताल परिसर में
1000 सीट का ऑडिटोरियम बंजली के समीप
ऑफिसर कॉलोनी और अंजता टॉकिज रोड कर्मचारियों के लिए नए क्वार्टर

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3 - लाख वर्गफीट पर बहुमंजिला बनेगा गोल्ड पार्क
2 - लाख वर्गफीट भूमि दी गई है
300 से 400 - दुकानें रहेगी गोल्ड पार्क में
92- करोड़ रुपए भूमि की लागत

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इनका कहना है
हाउसिंग बोर्ड करेगा काम
- जिला अधिकारी समिति की बैठक में गोल्ड पार्क का प्रस्ताव पास हो गया है। अब यह शासन के पास भेजा जाएगा। रिडेंसिफिकेशन योजना के तहत होने वाले कार्य पहले रतलाम विकास प्राधिकरण को करना थे लेकिन उनके पास अमला कम था और अब शासन के नियमों में बदलाव के चलते यह काम एमपी हाउसिंग बोर्ड को सौंपा गया है। आगामी कुछ महीनों में गोल्ड पार्क धरातल पर नजर आने लगेगा।
चेतन्य काश्यप, विधायक

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