
भारतीय जनता पार्टी का झंडा (File Photo)
रतलाम। भाजयुमो में लंबे इंतजार के बाद जिलाध्यक्ष और महामंत्री के पद पर संगठन स्तर से नियुक्ति कर दी गई। पहली बार ऐसा हुआ, जब जिलाध्यक्ष के साथ ही महामंत्री को भी मनोनीत किया है। जबकि महिला मोर्चा के पत्ते खुलना अभी शेष हैं। इस कारण जिला महिला मोर्चा के पद पर जिन्हे जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसके लिए बेसब्री से इंतजार किया जा रहा हैं।
रविवार शाम को जारी सूची में युवा मोर्चा के नए जिलाध्यक्ष सैलाना के अनुकुल सोनी व महामंत्री एबीवीपी से जुड़े कृष्णा डिंडोर को बनाया है। लंबे समय से कई युवा इस पद के लिए दावेदारी कर रहे थे। यहां तक की भोपाल से लेकर दिल्ली तक पद पाने की दौड़ लगा रहे थे। अंतत: संगठन से रविवार रात घोषणा कर तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया।
महिला मोर्चा को इंतजार
भाजपा में संगठन विस्तार की प्रक्रिया भले ही तेज हो गई हो और जिले में विभिन्न मोर्चों की कार्यकारिणी की घोषणाएं लगातार की जा रही हों, लेकिन कई महत्वपूर्ण पदों पर अब भी नियुक्तियां लंबित हैं। इनमें जिला भाजपा एससी-एसटी वर्ग से महामंत्री, युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष पद पर नियुक्ति हो गई हैं। अब महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष और आलोट नगर मंडल की पूरी कार्यकारिणी शामिल है। लंबे समय से इन पदों पर निर्णय नहीं होने से कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा तेज हो गई है।
आलोट मंडल कार्यसमिति की घोषणा का इंतजार
सबसे अधिक चर्चा आलोट नगर मंडल को लेकर है। यहां मंडल अध्यक्ष की घोषणा करीब डेढ़ वर्ष पहले कर दी गई थी, लेकिन अब तक मंडल कार्यकारिणी का गठन नहीं हो सका। कार्यकारिणी नहीं होने से संगठनात्मक गतिविधियों के संचालन और जिम्मेदारियों के बंटवारे पर भी असर पड़ रहा है। कई कार्यक्रमों में अस्थायी रूप से कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपकर काम चलाया जा रहा है। इधर, जिला स्तर पर भी संगठन का ढांचा अभी पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है।
संगठन में महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण
भाजपा के विभिन्न मोर्चों की घोषणाएं होने के बावजूद जिला भाजपा में महामंत्री के पद पर अब तक नियुक्ति नहीं हुई है। संगठन में महिलाओं की भागीदारी को लेकर यह पद महत्वपूर्ण माना जाता है, ऐसे में इसकी घोषणा में हो रही देरी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। भाजपा युवा मोर्चा में भी अब तक जिलाध्यक्ष की घोषणा नहीं होने से युवा कार्यकर्ताओं में उत्सुकता बनी हुई है। संगठन के कई कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, लेकिन स्थायी नेतृत्व नहीं होने के कारण युवा मोर्चे की गतिविधियों को अपेक्षित गति नहीं मिल पा रही है।
बूथ स्तर तक काम में तेजी
भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि संगठन में जिम्मेदारियों का समय पर वितरण होने से बूथ स्तर तक काम में तेजी आती है। आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों को देखते हुए लंबित पदों पर शीघ्र नियुक्तियां आवश्यक हैं। कार्यकर्ताओं का मानना है कि नई टीम बनने के बाद संगठन को और मजबूती मिलेगी तथा कार्यकर्ताओं को भी स्पष्ट जिम्मेदारियां मिल सकेंगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावी तैयारियों को देखते हुए भाजपा संगठन अपने सभी मोर्चों और मंडलों को पूर्ण रूप से सक्रिय करना चाहेगा। ऐसे में लंबे समय से लंबित पदों पर जल्द निर्णय होने की संभावना जताई जा रही है। संगठन की पूरी टीम बनने के बाद बूथ प्रबंधन, सदस्यता अभियान, प्रशिक्षण वर्ग और जनसंपर्क कार्यक्रमों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
Updated on:
19 Jul 2026, 11:09 PM IST
Published on:
19 Jul 2026, 11:07 PM IST
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