
यात्रियों से भरी ट्रेन में आया भूकंप, दो घंटे फंसी रही यात्रियों की जान, हादसे की कहानी लोगों की जुबानी
रतलाम. हम इंदौर से ट्रेन में बैठे थे, सफर में बहुत आनंद आ रहा था, क्योंकि मौसम में ठंडक के साथ ही ट्रेन में बैठने के बाद रास्तेभर हरियाली और कहीं कहीं बारिश होने से प्रकृति का आनंद लेते हुए जा रहे थे, ट्रेन रतलाम पहुंची, तो चाय पानी करने के बाद ट्रेन का फिर से चलने का इंतजार करने लगे, लेकिन कुछ ही देर बाद ट्रेन में ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो, अचानक ट्रेन पलटने लगी, कोई समझ ही नहीं पाया कि आखिर ये क्या हो रहा है।
ये कहना है ट्रेन में सवार होकर इंदौर से उदयपुर जा रहे रमाशंकर शर्मा का, उन्होंने बताया कि ऐसा लगा रहा था, मानो आज जीवन नहीं बचेगा, क्योंकि जिस तरह से ट्रेन बेपटरी हुई, ऐसा आज तक हमारे साथ कभी नहीं हुआ, ट्रेन में सवार सभी यात्री लुड़कने लगे, ऐसे में कोई सीट पकड़कर जान बचाने की कोशिश करने लगा, तो कोई सीट के पास लगे पाइप को पकड़कर अपनी जान बचाने के लिए चिल्लाने लगा, कुछ ही देर में ट्रेन रोल ब्रेक हो गई, ऐसे में ट्रेन में सवार यात्रियों को काफी मश्क्कत के बाद बाहर निकाला, तब जाकर उनकी जान में जान आई।
दो घंटे फंसे रहे यात्री
जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम को रोज की तरह इंदौर-उदयपुर ट्रेन इंदौर से रवाना होकर रतलाम पहुंची, हर दिन यहां ट्रेन आते ही इंजन बदला जाता है, ऐसा ही शुक्रवार रात करीब 09.30 बजे ट्रेन आने के बाद किया गया, इसी दौरान कुछ ही समय बाद अचानक ट्रेन रोल ब्रेक हो गई, ट्रेन में लगा एसएलआर कोच बेपटरी हो गया, इस हादसे के दौरान जैसे ही यात्री लुड़कने लगे, उन्हें लगा जैसे भूकंप आ गया हो, वे हैरान रह गए और घबरा गए, लेकिन कुछ देर बाद जब उन्हें पता चला कि ट्रेन बेपटरी हुई है और उनकी जान बच गई है, तो उनकी सांस में सांस आई, इसके बाद ट्रेन को वापस करीब 11 बजे उदयपुर के लिए रवाना किया गया। इस कारण यात्री करीब डेढ़ से घंटे तक परेशान रहे।
घनघनाने लगे फोन
ट्रेन हादसे की जानकारी मिलने पर जो यात्री ट्रेन में बैठे थे, उनके परिजनों को सूचना मिलते ही वे परेशान हो गए, इसके बाद ट्रेन में सवार यात्रियों के पास एक के बाद एक रिश्तेदारों और परिजनों के फोन आने लगे, सभी खैरियत पूछ रहे थे, इसके बाद जब तक ट्रेन उदयपुर नहीं पहुंच गई, यात्री से लेकर उनके परिजन सभी परेशान होते रहे, लोग भगवान का नाम लेकर उदयपुर तक पहुंचे और वहां ट्रेन से उतरते ही उन्होंने सबसे पहले अपने घरवालों को सुरक्षित पहुंचने की जानकारी दी।
500 मीटर तक लुढ़की ट्रेन
इंदौर से चलकर उदयपुर तक जाने वाली ट्रेन नंबर 19329 रतलाम में प्लेटफॉर्म नंबर दो पर रोलबैक हो गई। इसके डिब्बे बगैर इंजन के ही करीब 500 मीटर दूर तक लुढ़कते हुए पहुंच गए। बगैर इंजन के ट्रेन चलने से यात्रियों में हड़कंच मच गया। गार्ड-एसएलआर का डिब्बा पटरी से उतर गया। दुर्घटना में कोई यात्री हताहत नहीं हुआ है। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए है। 2 कोच बेपटरी हुए।
यात्रियों में मच गया हड़कंप
इंदौर से चलकर उदयपुर तक जाने वाली ट्रेन नंबर 19329 रतलाम में प्लेटफॉर्म नंबर दो पर रोलबैक हो गई। इसके डिब्बे बगैर इंजन के ही करीब 500 मीटर दूर तक लुढ़कते हुए पहुंच गए। बगैर इंजन के ट्रेन चलने से यात्रियों में हड़कंप मच गया। गार्ड-एसएलआर का डिब्बा पटरी से उतर गया। दुर्घटना में कोई यात्री हताहत नहीं हुआ है। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए है। 2 कोच बेपटरी हुए।
फतेहाबाद - इंदौर मार्ग की तरफ लुढ़कने लगी ट्रेन
रेलवे ट्रेन को उदयपुर तरफ ले जाने के लिए नया इंजन लगाती इसके पूर्व ही प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन अचानक फतेहाबाद - इंदौर मार्ग की तरफ लुढ़कने लगी। बगैर इंजन के ट्रेन चलने से यात्रियों में हड़कंच गया। करीब 500 मीटर तक लुढ़कने के बाद ट्रेन का एक डिब्बा जो गार्ड का था, वो पटरी से उतर गया। जहां डिब्बा पटरी से उतरा,वहां पर पुलिया है। अगर अन्य डिब्बे बे पटरी होते तो बड़ा हादसा हो जाता।
Updated on:
16 Jul 2022 09:48 am
Published on:
16 Jul 2022 09:00 am
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