11 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

अहंकार पतन ओर ले जाता, भक्ति ईश्वर से जोड़ती

रतलाम. भक्ति, श्रद्धा और उल्लास भरे वातावरण कस्तूरबा नगर स्थित बगीचे में नानी बाई के मायरा कथा का विश्राम हुआ। अंतिम दिवस की कथा में नानी बाई की अडिग भक्ति, प्रभु श्रीकृष्ण की कृपा और सामाजिक समरसता का भावपूर्ण संदेश दिया। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। विश्राम दिवस पर पोथी पूजन […]

2 min read
Google source verification
Breaking News Bhakti

नानी बाई का मायरा कथा भक्ति की विजय के साथ पांच दिवसीय आयोजन का विश्राम

रतलाम. भक्ति, श्रद्धा और उल्लास भरे वातावरण कस्तूरबा नगर स्थित बगीचे में नानी बाई के मायरा कथा का विश्राम हुआ। अंतिम दिवस की कथा में नानी बाई की अडिग भक्ति, प्रभु श्रीकृष्ण की कृपा और सामाजिक समरसता का भावपूर्ण संदेश दिया। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

विश्राम दिवस पर पोथी पूजन मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल एवं मंत्री चैतन्य काश्यप ने किया। अतिथि सम्मान आयोजक मनीषा शर्मा एवं मनोज शर्मा ने किया। भजनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। पूरा पांडाल जय श्रीकृष्ण एवं नानी बाई की जय के जयघोष से गूंज उठा।

धार्मिक आयोजनों से नई पीढ़ी को संस्कार मिलते
प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए, जिससे नई पीढ़ी में धर्म, संस्कृति और संस्कारों के प्रति रुचि एवं ज्ञान बना रहे। मंत्री काश्यप ने कहा कि मनीषा एवं मनोज शर्मा सदैव धार्मिक व सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं। इनके प्रयासों से वार्ड में उत्साह, उमंग और सामाजिक सक्रियता बनी रहती है।

इन्होंने किया पोथी पूजन
साथ ही अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला संगठन, कलचुरी कलाल एकता संगठन, कस्तूरबा नगर गरबा समिति, विनायक भक्ति भंडार, मां अंबे गरबा समिति, मनीष नगर समिति, श्रीमाली ब्राह्मण समाज, राठौड़ तेली समाज सहित नगर के विभिन्न समाजो, धार्मिक संस्थाओं एवं गणमान्य नागरिकों ने पोथी पूजन कर कथा की सफलता की कामना की।

भक्ति की विजय का भावपूर्ण संदेश
कथावाचक पं. अनिरुद्ध मुरारी ने पंचम दिवस की कथा में बताया कि नानी बाई के मायरे की कथा केवल पारिवारिक प्रसंग नहीं, बल्कि सच्ची भक्ति, विश्वास और विनम्रता की विजय की कथा है। जिसके लिए भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं आगे आकर लाज रखने पहुंचे। उन्होंने कहा कि अहंकार मनुष्य को पतन की ओर ले जाता है, जबकि भक्ति उसे ईश्वर से जोड़ती है। नानी बाई की अटूट भक्ति यह सिद्ध करती है कि प्रभु अपने भक्त को कभी निराश नहीं करते।