आठ दिन बाद आ रहा नंबर
किसानों का कहना है कि आठ-आठ दिन तक ट्रांसफार्मर नहीं मिल रहे हैं, आज नंबर लगाकर जाएंगे तो पांच से सात दिन में नंबर आएगा। फिर भी अगर व्यवस्था नहीं हुई तो अगले दिन का कहा जाता है। ऐसे में ट्रेक्टर का भी दो-से तीन बार भाड़ा भुगतना पड़ता है। धराड़ के किसान मनोहरलाल पाटीदार ट्रांसफार्मर जल गए इसलिए परेशान हो रहे हैंं। बारिश के दौरान कोई जाता नहीं है और अब गए तो पता चला कि ट्रांसफार्मर में आइल ही नहीं है। एक ट्रांसफार्मर में 150-200 लीटर आइल रहता है, पिछले तीन-चार सालों से इन आइल चोरों से परेशान है। रिंगनिया के अरविंद पाटीदार ने बताया कि आइल चोरी के कारण लोग अधिक परेशान है। आज ट्रांसफार्मर रखकर जा रहे हैं तो चार-पांच दिन बाद मिलेगा।
दस से ट्रांसफार्मर जला पड़ा है
धोलका के किसान भैरुलाल ने बताया कि दस दिन पूर्व ट्रांसफार्मर जल चुका था, लेकिन यहां चार-पांच दिन से चक्कर लगा रहे है। डीजल नहीं होने से जल चुका है। ट्रांसफार्मर आगे से आएगा तक जाकर दिया जाएगा। त्यौहारी सीजन है और कलकत्ती पूरी तरह से खत्म होने लगी है। लहसुन लगा रखी है, जिसमें पानी नहीं पा रहे हैं।
इनका कहना है
चंबल कॉलोनी ग्रामीण ट्रांसफार्मर एलआरयू यूनिट के टेस्टिंग असिस्टेंट मनोज शर्मा ने बताया कि ट्रांसफार्मर में आइल नहीं होने के कारण जलने की शिकायते अधिक है। चार-पांच दिन की वेटिंग चल रही है क्योंकि हर दिन 30-40 ट्रांसफार्मर आ रहे हैं।